NEET PAPER LEAK CASE: सुप्रीम कोर्ट ने दिया छात्रों को तुरंत रिहा करने का आदेश

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देहरादून। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को पेपर लीक के मुद्दे पर दिल्ली समेत देशभर में हुए विरोध-प्रदर्शनों के दौरान गिरफ्तार और हिरासत में लिए गए छात्रों को तुरंत रिहा करने का आदेश दिया है। शीर्ष अदालत का यह निर्देश उन सभी छात्रों पर लागू होगा, जिनका पहले से कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है।

सीजेआई सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने सुनवाई के दौरान साफ कहा कि बिना किसी आपराधिक पृष्ठभूमि वाले प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई पर तुरंत रोक लगाई जाए। पीठ ने याद दिलाया कि देश का संविधान नागरिकों को शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन का अधिकार देता है।

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प्रदर्शन के दौरान पुलिस की ओर से की गई ज्यादतियों और हिंसा के आरोपों पर भी अदालत ने कड़ा रुख अपनाया। पीठ ने कहा कि पुलिस हिंसा के आरोपों की सत्यता जानने के लिए एक स्वतंत्र जांच जरूरी है। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट पूर्व जज की अगुवाई में एक एसआईटी गठित करने पर विचार करेगा।

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दूसरी तरफ, NEET-UG 2026 प्रश्नपत्र लीक मामले की जांच कर रही सीबीआई ने भी अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। सीबीआई ने मंगलवार को इस मामले में 13 आरोपियों के खिलाफ अदालत में अपनी चार्जशीट दाखिल कर दी।

सीबीआई के मुताबिक, चार्जशीट में नामजद सभी 13 आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। जांच एजेंसी को आरोप पत्र के अनुसार इन सभी के खिलाफ पेपर लीक की पूरी साजिश में शामिल होने के पुख्ता और मजबूत सबूत मिले हैं।

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सीबीआई रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि हुई है कि परीक्षा आयोजित होने से पहले ही नीट प्रश्नपत्र का अवैध प्रसार किया गया था। इस पूरी धांधली में इन आरोपियों की सक्रिय और मुख्य भूमिका रही है।