Uttarakhand Politics: श्रीनगर मेयर आरती भंडारी की ‘घर वापसी’, 9 पार्षदों संग थामा भाजपा का दामन..

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देहरादून। उत्तराखंड की प्रादेशिक राजनीति में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। श्रीनगर नगर निगम की मेयर आरती भंडारी और लखपत सिंह भंडारी समेत दस पार्षदों ने भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया है। देहरादून में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने सभी जनप्रतिनिधियों को औपचारिक रूप से भाजपा की प्राथमिक सदस्यता दिलाई।

इस राजनीतिक घटनाक्रम के तहत कांग्रेस और निर्दलीय खेमे के जनप्रतिनिधियों के एक साथ भाजपा में आने से श्रीनगर नगर क्षेत्र के स्थानीय राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं। भाजपा परिवार में शामिल होने वालों में कांग्रेस पार्टी से जुड़े दो पार्षद अनुराग चौहान और राजकुमार शामिल हैं। इनके अलावा सात निर्दलीय पार्षद मीना देवी, भावना चौहान, प्रवेश चमोली, विजय कुमार चमोली, आशीष नेगी, नरेंद्र सिंह रावत और धर्म सिंह रावत ने भी पार्टी का पटका पहनकर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया है।

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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने नए सदस्यों का पार्टी में स्वागत करते हुए कहा कि पिछले चुनाव में किन्हीं कारणों से आरती भंडारी को पार्टी का टिकट नहीं मिल पाया था। इसके बावजूद उन्होंने जनता के बीच अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखी और निर्दलीय चुनाव जीतकर मेयर बनीं। महेंद्र भट्ट ने कहा कि यह आरती भंडारी की अपने मूल परिवार में दोबारा वापसी हुई है।

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कार्यक्रम के दौरान पार्टी नेतृत्व ने सभी नवागत जनप्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए विश्वास जताया कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में संगठन को मजबूत करेंगे। पार्टी पदाधिकारियों ने कहा कि ये सभी नेता भाजपा की राष्ट्रसेवा की विचारधारा से जुड़कर श्रीनगर क्षेत्र के विकास कार्यों को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएंगे।

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मेयर आरती भंडारी और नौ पार्षदों के पाला बदलने से श्रीनगर नगर निगम में मुख्य विपक्षी खेमे को बड़ा झटका लगा है। इस बड़े राजनीतिक बदलाव के बाद श्रीनगर नगर निगम में भारतीय जनता पार्टी की स्थिति पहले से काफी अधिक मजबूत और प्रभावी हो गई है।

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