उत्तराखंड के सहकारिता विभाग ने हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा निर्णय लिया है, जिसके तहत विभाग की हर एक बिल्डिंग पर सोलर पावर प्लांट लगाए जाएंगे। उत्तराखंड प्रादेशिक कोऑपरेटिव यूनियन की प्रबंध समिति की बुधवार को हुई बैठक में यह महत्वपूर्ण फैसला लिया गया।
पीसीयू के अध्यक्ष राम कृष्ण मेहरोत्रा की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में नए बिजनेस प्लान विकसित करने और यूनियन की आय के स्रोतों को बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। इस योजना के अंतर्गत तय किया गया है कि यूनियन अब राज्य की समस्त शीर्ष सहकारी संस्थाओं, जिला सहकारी बैंकों और अन्य सहकारी समितियों की छतों पर सोलर रूफटॉप परियोजनाओं को अमलीजामा पहनाने का काम करेगी।
इस नई पहल के माध्यम से प्रादेशिक कोऑपरेटिव यूनियन अब ऊर्जा के क्षेत्र में अपने कदम बढ़ाने जा रही है। बैठक में उत्तराखंड प्रादेशिक कोऑपरेटिव यूनियन को राज्य की नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए राज्य स्तरीय नोडल एजेंसी और परियोजना प्रबंधन सलाहकार घोषित किया गया है।
इसके अलावा, बैठक के दौरान केंद्रीय शीर्ष सहकारी संस्था NCUI के लिए प्रदीप चौधरी को नामित किए जाने पर भी सभी सदस्यों ने अपनी सहमति जताई। इस महत्वपूर्ण बैठक में उपाध्यक्ष शैलेंद्र सिंह बिष्ट, सुभाष चंद्र रमोला, एमडी एमपी त्रिपाठी, प्रदीप कुमार, शांति, ममता मेहरोत्रा, गोपाल सिंह बोरा और सुप्रिया चौहान सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में सहकारी समितियों को राहत देने के लिए एक और बड़ा फैसला लिया गया, जिसके तहत केंद्रीय शीर्ष सहकारी संस्था एनसीयूआई की तर्ज पर उत्तराखंड प्रादेशिक कोऑपरेटिव यूनियन की सदस्य समितियों के लिए वार्षिक सदस्यता शुल्क को काफी कम कर दिया गया है।
अब इस वार्षिक शुल्क को पांच हजार रुपये से घटाकर सीधे दो हजार रुपये कर दिया गया है, जिससे समितियों पर वित्तीय बोझ कम होगा। इसके साथ ही, बैठक में यूनियन की सदस्यता लेने के लिए विभिन्न सहकारी समितियों से प्राप्त हुए नए आवेदनों पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

