सितारगंज। उधम सिंह नगर जिले की सितारगंज तहसील परिसर में बुधवार शाम विजिलेंस टीम की अचानक हुई कार्रवाई के बाद भारी बवंडर खड़ा हो गया। विजिलेंस की टीम ने रिश्वत लेने के गंभीर आरोप में दो राजस्व कर्मचारियों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई से नाराज राजस्व कर्मियों ने तहसील परिसर में ही काम ठप कर शासन-प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया, जिससे देर रात तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
घटना शाम करीब पांच बजे की है। विजिलेंस टीम ने सुनियोजित तरीके से तहसील में छापेमारी कर रिश्वतखोरी के आरोपी कर्मचारियों को हिरासत में लिया। जैसे ही गिरफ्तारी की खबर फैली, तहसील के तमाम पटवारी, लेखपाल और अन्य राजस्व कर्मी लामबंद हो गए। कर्मचारियों ने विजिलेंस की कार्रवाई को दुर्भावनापूर्ण और एकतरफा बताते हुए मुख्य गेट के पास धरना शुरू कर दिया और जोरदार नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारी कर्मचारियों का साफ कहना है कि उनके सहयोगियों को साजिशन फंसाया गया है। कर्मचारियों ने पूरे प्रकरण की किसी निष्पक्ष एजेंसी से जांच कराने की मांग रखी। उनका कहना था कि जब तक जिला प्रशासन के बड़े अधिकारी मौके पर आकर स्थिति स्पष्ट नहीं करते और उनकी मांगों पर ठोस आश्वासन नहीं देते, तब तक विरोध प्रदर्शन और कामकाज का बहिष्कार जारी रहेगा।
तहसील परिसर में बढ़ते जन आक्रोश और माहौल बिगड़ने की आशंका को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस और स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी देर रात तक परिसर में डटे रहे और प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास करते दिखे, लेकिन आक्रोशित कर्मचारी अपनी मांग पर अड़े रहे।
देर रात तक किसी भी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी के न पहुंचने से गतिरोध का कोई ठोस हल नहीं निकल सका। अधिकारियों की गैरमौजूदगी के कारण कर्मचारियों और प्रशासन के बीच समझौता नहीं हो पाया। फिलहाल तहसील में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और पुलिस बल सुरक्षा व्यवस्था पर नजर बनाए हुए है।

