…ओह! तो इसलिए खफा हैं गणेश गोदियाल..

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देहरादून। उत्तराखंड में हर सियासी पार्टी चुनाव के अलर्ट मोड मे हैं लेकिन इधर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल बहुत खफा हैं, खासकर उस तबके से जो फर्जी शिकायत कर के दूसरे लोगों के वोट कटवा रहा है। दरअसल उत्तराखंड में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी को लेकर सबने कमर कसी हुई है।

इसी कड़ी मे राज्य मे एसआईआर भी जारी है यानि विशेष गहन पुनरावलोकन जिसको लेकर उत्तराखंड में कांग्रेस की कई अपत्तियां हैं..जिन पर काग्रेस पार्टी न्याय की गुहार निर्वाचन आयोग से लगा रहा है। देहरादून में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने मीडिया से जानकारी साझा करते हुए कहा कि भारतीय चुनाव आयोग कांग्रेस की फरियाद सुनने के लिए वक्त नहीं दे रहा है।

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दरअसल कांग्रेस का मानना है कि कुछ शरारती तत्व निर्वाचन आयोग से शिकायत कर दूसरे का मताधिकार रद्द करवा रहे हैं। कई मामलों में उनकी शिकायत फर्जी भी है,,लिहाजा ऐसे काम को अपराध माना जाना चाहिए और दंड का प्रावधान भी होना चाहिए लेकिन दंड का विधान नहीं है जिससे उनके हौसले बढ़ रहे हैं। गोदियाल ने कहा सिर्फ इसलिए किसी के वोट का अधिकार रद्द हो जाए कि वो दूसरे दल की विचारधार को फॉलो करता है गलत है।

लोकतांत्रिक मुल्क में मताधिकार जनता को संविधान का दिया सबसे बड़ा अधिकार है..ऐसे में अगर वाकई में फर्जी शिकायतों पर मताधिकार छीना जा रहा है तो लोकतंत्र की सेहत के लिहाज से ये कतई अच्छा नहीं माना जा सकता। कांग्रेस की चिंता वाकई में जायज है और सलाह बेहतर। ऐसे में कहा जा सकता है कि चुनाव आयोग को कांग्रेस की आपत्तियों का जहां निस्तारण करना चाहिए वही उसकी बात सुनने में कोई हर्ज भी नहीं है।

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क्योंकि लोकतंत्र को स्वस्थ बनाने के लिए चुनाव आयोग ही ऐसी स्वतंत्र संस्था है जिस पर जनता भरोसा कर सकती है। उम्मीद है चुनाव आयोग कांग्रेस को वक्त देगा उसकी आपत्तियों को सुनेगा उसे निष्पक्षता का भरोंसा दिलाएगा ताकि लोकतंत्र का इकबाल बुलंद रहे।