देहरादून- बुधवार को चमोली टनल हादसे ने एक बार फिर पहाड़ में विकास और सुरक्षा के बीच के पर्दे को बेपर्दा कर दिया हैं । हालांकि हादसे की खबर मिलते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राहत और बचाव की कमान खुद अपने हाथों में ले ली थी ताकि सरकारी मशीनरी की रफ्तार सुस्त न पड़े। सीएम की उसी दरियादिली का नतीजा था कि राहत और बचाव का काम युद्ध स्तर पर चला और 19 कामगार सुरंग से बाहर निकाल लिए गए। हालांकि उसमें कुछ मुर्दा जिस्म भी थे लेकिन जो घायल थे उन्हें तत्काल प्रभाव से अस्पताल पहुंचाया गया।
सरकार राहत और बचाव के मौर्चे पर मुस्तैद दिखाई दी , प्रभारी मंत्री भरत सिंह चौधरी को जहां निगरानी के लिए भेजा गया वहीं जिला प्रशासन से लेकर आपदा प्रबंधन और बचाव दल से सीएम धामी पल-पल की खबर लेते रहे। खुद भी मौके पर पहुंचे और अस्पताल मे दाखिल घायल कामगारों का हालचाल भी पूछा । रेस्क्यू अब भी जारी है क्योंकि अब भी 3 परिवार ऐसे हैं जिनकी आंखें सुरंग के मुहाने पर टिकी हैं। क्योंकि उनके परिजन सुरंग से बाहर नहीं लौटे हैं।
उधर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि , “जब तक आखिरी कामगार को बाहर नहीं निकाल लेते, रेस्क्यू जारी रहेगा। लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी”वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मृतकों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा, “हमने अपने परिश्रमी साथी खोए हैं। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे और परिवारों को यह दुख सहने की शक्ति दे।”
सीएम धामी ने साफ शब्दों में कहा कि विकास कितना भी जरूरी क्यों न हो, उससे ज्यादा जरूरी उसे बनाने वाले हाथों की सुरक्षा है। “इस हादसे की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। अगर किसी की लापरवाही सामने आई तो सख्त से सख्त कार्रवाई होगी।

