रेल विकास निगम लिमिटेड (RVNL) के सीईओ सतीश कुमार ने जानकारी दी है कि उत्तराखंड की महत्वाकांक्षी 125 किलोमीटर लंबी ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना अब साल 2028 तक पूरी हो जाएगी। पहले इस प्रोजेक्ट को दिसंबर 2026 तक चालू करने का लक्ष्य था, लेकिन अब इसमें संशोधन किया गया है। यह प्रोजेक्ट हिमालयी क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी के लिए बेहद खास है, जिस पर काम तेजी से चल रहा है।
देश की सबसे लंबी रेल सुरंग का निर्माण
इस परियोजना की सबसे बड़ी खासियत इसमें बन रही रेल सुरंग है। अधिकारियों के मुताबिक, यहाँ देश की सबसे लंबी रेल परिवहन सुरंग बनाई जा रही है, जिसकी कुल लंबाई 14.58 किलोमीटर है। यह इंजीनियरिंग का एक बेमिसाल नमूना होगा जो दुर्गम पहाड़ों के बीच रेल यात्रा को सुगम बनाएगा।
सुरंगों और पुलों के काम में कितनी हुई प्रगति?
परियोजना के तहत कुल 16 मुख्य सुरंगें (104 किमी) और 12 एस्केप सुरंगें (98 किमी) बननी हैं। राहत की बात यह है कि इसमें से 99 किलोमीटर लंबी मुख्य सुरंग और 94 किलोमीटर लंबी नौ एस्केप सुरंगों का काम पूरा हो चुका है। इसके अलावा, मार्ग में पड़ने वाले 19 पुलों में से 8 पुलों का निर्माण कार्य भी सफलतापूर्वक संपन्न कर लिया गया है।
परियोजना का इतिहास और वर्तमान स्थिति
इस रेल प्रोजेक्ट को साल 2016 में मंजूरी मिली थी, जबकि इसका मुख्य काम 2020 में RVNL को सौंपा गया था। हालांकि लक्ष्य में थोड़ा बदलाव हुआ है, लेकिन वर्तमान रफ्तार को देखते हुए 2028 तक पहाड़ों में ट्रेन दौड़ने की उम्मीद जताई गई है।

