चारधाम यात्रा को लेकर आईजी गढ़वाल ने कसी कमर, दिए समय पर तैयारी पूरी करने के निर्देश

ख़बर शेयर करें

आईजी गढ़वाल परिक्षेत्र, राजीव स्वरूप ने आगामी चारधाम यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुगम बनाने के लिए रेंज के सभी जिलों के पुलिस प्रभारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यात्रा शुरू होने और कपाट खुलने से पहले सभी आवश्यक सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्थाएं पूरी कर ली जाएं। आईजी ने अधिकारियों से कहा है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में यात्रियों की सुविधा के लिए ‘होल्डिंग एरिया’ (रुकने के स्थान) चिह्नित करें और संबंधित विभागों के साथ बेहतर तालमेल बनाकर काम करें। प्रशासन का मुख्य लक्ष्य यात्रियों को एक सुखद और सुरक्षित अनुभव प्रदान करना है।

यह भी पढ़ें -  देहरादून: ₹26 हजार मानदेय और 45 दिन का मातृत्व अवकाश को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का हल्ला बोल

अफवाहों पर लगाम और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग

यात्रा के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आईजी ने ‘सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल’ को विशेष रूप से सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान फैलने वाली किसी भी तरह की अफवाह या भ्रामक सूचना पर तुरंत रोक लगाई जाए, ताकि यात्रियों के बीच डर या भ्रम की स्थिति पैदा न हो। इसके लिए जनपद स्तर पर तैनात सेल लगातार गतिविधियों पर नजर रखेगा।

यह भी पढ़ें -  ऊधमसिंह नगर में कच्ची शराब के ठिकानों पर आबकारी विभाग का ताबड़तोड़ एक्शन, 9000 किलो लहन समेत 3 भट्टियां ध्वस्त

व्यापारियों और संगठनों के साथ समन्वय

यात्रा को निर्बाध रूप से चलाने के लिए पुलिस प्रशासन स्थानीय व्यापार संघों, टैक्सी यूनियनों और होटल व्यवसायियों के साथ समन्वय बैठकें आयोजित करेगा। इन बैठकों का उद्देश्य यात्रा के दौरान आने वाली समस्याओं का पहले से आकलन करना और आपसी सहयोग से बेहतर व्यवस्था बनाना है। साथ ही, संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती और उनके रहने-खाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा गया है।

यह भी पढ़ें -  उत्तराखंड में बदला मौसम का मिजाज: दून समेत 7 जिलों में भारी बारिश और बिजली गिरने का ऑरेंज अलर्ट

स्वास्थ्य सेवाओं और सड़क सुरक्षा पर विशेष मंथन

चारधाम यात्रा में स्वास्थ्य समस्याओं और सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए आज ‘लोकभवन’ में एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। एचएनबी चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय की ओर से आयोजित इस मंथन कार्यक्रम में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल भी इस दौरान यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए चिकित्सा विशेषज्ञों और अधिकारियों को संबोधित करेंगे।