देहरादून। उत्तराखंड धीरे-धीरे चुनावी साल की ओर बढ़ रहा है..हर विधानसभा क्षेत्र में सियासी सरगर्मियां तेज हैं। देहरादून की डोईवाला सीट का ट्रैक रिकार्ड भाजपा के लिहाज से शानदार है। मगर भाजपा आलाकमान के लिए सबसे बड़ी दिक्कत यही है कि अबकी दफे टिकट किसे दें।
डोईवाला में भाजपा मजबूत स्थिति में है तो टिकट की हसरत रखने वालों की फेहरिश्त भी लंबी। डोईवाला सीट पर 4 बार दावेदारी जता चुके और मौजूदा वक्त में देहरादून के मेयर सौरभ थपलियाल ने भी टिकट की कतार में हैं। हालांकि दून मेयर ने कहा कि पार्टी का आदेश होगा तो वो चुनावी मैदान में उतरने से इंकार नहीं करेंगे।
गौरतलब है कि मेयर सौरभ थपलियाल अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और बाद मे भारतीय जनता युवा मोर्चे से जुडे रहे हैं। एबीवीपी में रहते हुए सौरभ थपलियाल ने जहां सूबे के सबसे बड़ी छात्र संख्या वाले देहरादून के डीएवी कॉलेज में छात्र राजनीति करते हुए छात्र संघ में बड़े पदों पर जीत हासिल की वहीं भारतीय जनता युवा मोर्चा में रहते हुए प्रदेश अध्यक्ष की कमान भी संभाली थी। मेयर सौरभ थपलियाल की माने तो उन्होने युवा मोर्चा में सूबे के मौजूदा मुख्यमंत्री पुष्कर धामी के नेतृत्व में संगठन के लिए काम किया है।
बहरहाल भाजपा के लिए निष्ठावान कार्यकर्ता सौरभ थपलियाल को पार्टी ने देहरादून शहर के मेयर पद का चुनाव लडाया और उनकी जीत के लिए काम किया। आज उसी का नतीजा है कि सौरभ थपलियाल छात्र और युवा राजनीति के पायदानो को चढते हुए देहरादून शहर के पहले नागरिक यानि मेयर पद पर आसीन हैं। हालांकि उन्हे उम्मीद है कि मेयर के बाद भारतीय जनता पार्टी उन्हें डोईवाला से विधायक बना सकती है। होगा क्या ये तो वक्त ही बताएगा। लेकिन कहते हैं उम्मीद पर दुनिया कायम है।

