राजनाथ सिंह की हल्द्वानी जनसभा: धामी सरकार के 4 साल पूरे होने पर BJP का शक्ति प्रदर्शन

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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार के चार साल पूरे होने के अवसर पर 21 मार्च को हल्द्वानी में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की एक बड़ी जनसभा का आयोजन किया जा रहा है। मोतीराम बाबू राम इंटर कॉलेज के मैदान में होने वाली इस जनसभा को भाजपा ने “धामी सरकार के 4 साल” के उपलक्ष्य में आयोजित विशाल राजनीतिक कार्यक्रम के रूप में तैयार किया है। 23 मार्च 2022 को शपथ लेने वाले धामी लगातार साढ़े चार साल से ज्यादा समय तक सरकार चलाने वाले नारायण दत्त तिवारी के बाद राज्य के दूसरे सबसे लंबे समय तक रहने वाले मुख्यमंत्री भी बन चुके हैं।

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इस जनसभा को लेकर पार्टी ने 50,000 लोगों की भीड़ इकट्ठा करने का लक्ष्य तय किया है, जिसके लिए 15 विधानसभा क्षेत्रों के विधायकों, दायित्वधारियों और टिकट के दावेदारों को भी लक्ष्य दिया गया है। माना जा रहा है कि यह आयोजन न सिर्फ सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने का मंच होगा, बल्कि टिकट के दावेदारों के लिए अपनी जमीनी ताकत और लोकप्रियता का भी शक्ति‑परीक्षण रहेगा। मुख्यमंत्री धामी और भाजपा के वरिष्ठ नेता इस जनसभा के द्वारा पार्टी कार्यकर्ताओं और आम जनता के बीच सरकार के चार साल के कार्यकाल का संदेश फैलाने के साथ‑साथ आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति को भी मजबूत करना चाह रहे हैं।

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2027 से पहले BJP का चुनावी मोड ऑन

2027 के उत्तराखंड विधानसभा चुनावों से लगभग एक साल पहले भाजपा ने चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं। धामी सरकार और पार्टी संगठन अब खुले तौर पर “चुनावी मोड” में आ चुके हैं, जिसमें सरकार की उपलब्धियों को जनता तक ले जाने के लिए बड़े नेताओं की रैलियों और जनसभाओं का दौर जारी है। सूत्रों के अनुसार, मैदानी इलाकों में दो बड़ी जनसभाओं के बाद अब श्रीनगर गढ़वाल, उत्तरकाशी, अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ जैसे पहाड़ी जिलों में भी बड़ी जनसभाएं आयोजित करने की योजना है। पार्टी ने सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने के साथ‑साथ यह भी तय किया है कि विधानसभा चुनाव के टिकट के दावेदारों के लिए यह समय अपनी जमीनी ताकत और लोकप्रियता का परखने का है।

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इस बार भी पिछले चुनावों की तरह कई वर्तमान विधायकों के टिकट कटने और नए, युवा नेताओं को मौका दिए जाने की संभावना जताई जा रही है। इसी से जुड़कर केंद्रीय नेतृत्व ने सभी विधानसभा सीटों के संभावित उम्मीदवारों का सर्वे शुरू कर दिया है। राजनाथ सिंह की हल्द्वानी जनसभा की तैयारियां भी इसी चुनावी रणनीति का हिस्सा हैं, जहां पार्टी प्रत्येक दावेदार की भीड़ जुटाने की क्षमता को भी आंकने की कोशिश कर रही है।

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