राजनाथ सिंह का आश्वासन: भारत में ईंधन संकट की अफवाहें गलत,पेट्रोल-डीजल का भरपूर स्टॉक

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भारत सरकार ने देश में पेट्रोलियम उत्पादों की कमी की खबरों को सिरे से खारिज करते हुए नागरिकों को आश्वासन दिया है कि घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने स्पष्ट किया है कि देश में पेट्रोल, डीजल और अन्य जरूरी चीजों की आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित है और सरकार किसी भी बाधा को रोकने के लिए ठोस कदम उठा रही है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और पश्चिम एशिया के तनावपूर्ण हालातों को देखते हुए सरकार ने यह स्पष्टीकरण जारी किया है। अधिकारियों का कहना है कि लोग घबराहट में आकर जरूरत से ज्यादा खरीदारी न करें, क्योंकि देश के पास अपनी घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त तेल भंडार मौजूद है।

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ऊर्जा संरक्षण के लिए प्रधानमंत्री का विशेष आग्रह

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से ईंधन के विवेकपूर्ण उपयोग की अपील की है ताकि देश की मूल्यवान विदेशी मुद्रा को बचाया जा सके। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम बहुत ऊंचे होने के कारण देश पर वित्तीय बोझ बढ़ रहा है, इसलिए सरकार ने लोगों को निजी वाहनों के बजाय मेट्रो, सार्वजनिक परिवहन और कार-पूलिंग अपनाने का सुझाव दिया है।

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इसके साथ ही, तेल की खपत कम करने के उद्देश्य से कामकाजी लोगों को ‘वर्क फ्रॉम होम’ के लिए प्रोत्साहित करने और स्कूलों की कक्षाएं ऑनलाइन संचालित करने जैसी सलाह भी दी गई है। यह कदम न केवल पर्यावरण के लिए बेहतर हैं, बल्कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के इस दौर में देश की आर्थिक सेहत को सुधारने में भी मददगार साबित होंगे।

कीमतों को स्थिर रखने का सरकारी प्रयास

वैश्विक स्तर पर ईंधन की कीमतों में भारी उछाल के बावजूद, भारत सरकार ने पिछले 70 दिनों से घरेलू बाजार में तेल की कीमतें स्थिर रखी हैं। रिपोर्ट के अनुसार, तेल कंपनियों को रोजाना लगभग 1,000 करोड़ रुपये का घाटा हो रहा है और चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में यह नुकसान 2 लाख करोड़ रुपये तक पहुँच सकता है। इसके बावजूद, सरकार ने आम जनता पर अतिरिक्त बोझ नहीं डाला है। वर्तमान में भारत के पास 60 दिनों का कच्चा तेल और 45 दिनों का एलपीजी भंडार सुरक्षित है। साथ ही, 703 अरब डॉलर के मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार के साथ भारत किसी भी वैश्विक संकट का सामना करने के लिए पूरी तरह सक्षम है।

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