जिस दौर में सब कुछ पैसा है की सोच सब पर हावी हो..हर आम हो या खास दौलत कमाने की होड़ में जुटा हो. पैसा कमाने के लिए आदमी मशीन बन गया हो , पैसों के लिए उसने अपना जमीर तक मार दिया हो..बेहिसाब दौलत की हसरत के चलते उसने बेहिचक अनाप-शनाप तरीके अपनाए हों , उस दौर में उत्तराखंड के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री सुबोध उनियाल ने साल 2026 के नवप्रवेशी MBBS बैच के छात्रों को बेहद संवेदनशील ज्ञान दिया है।
एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सुबोध उनियाल ने भविष्य के चिकित्सकों से कहा,”हम चाहे जितना पैसा कमा लें, याद रहे कि कफन में जेब नहीं होती “ ये बात उत्तराखंड के स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने उस वक्त कही जब वे गूृृ‘व्हाइट कोट सेरेमनी’ में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत कर रहे थे। उत्तराखंड के स्वास्थ्य मंत्री ने मेडिकल के नए छात्रों को ज्ञान देते हुए कहा, असली दौलत लोगों की दुआएं और जनसेवा ही है।

बहरहाल जिसने में स्वास्थ्य मंत्री के भीतर के जज्बात और धन के बारे में उनकी फिलॉस्फी को सुना या मीडिया रिपोर्ट पढ़ा सभी गदगद हैं लेकिन उनके भीतर सवाल भी उमड़ रहे हैं ये सिर्फ कोरा ज्ञान होगा या मंत्री जी के जीवन जीने का असली सार। बहरहाल चारों ओर स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल जी के महान विचार की चर्चा है ।

वहीं माना जा रहा है कि पैसों और बेहिसाब कमाई को लेकर मेडिकल के छात्रों को दिया उनका ये ज्ञान सोशल मीडिया से लेकर समाज तक सुर्खियो मे रहेगा। तो वहीं अपने जमीर को साइड में रख कर धन दौलत के लिए रस्साकशी करने वाले आम से खास लोगों में भी नया नजरिया पैदा होगा।
होगा क्या ये तो वक्त ही बताएगा फिलहाल मंत्री जी की लाइफ स्टाइल, उनके बयान और विचार मित्थ्या जगत को चकित कर रहे हैं। कुछ गहरी सोच में पड़ गए है कि चुनावी साल में मंत्री जी के श्रीमुख से बैरागियो वाला ज्ञान आखिर क्यों ? कुछ गड़बड़ है या सचमुच में ज्ञान प्राप्त हुआ है।

