अल्मोडा-: उत्तराखंड के पहाड़ी जिले हों या मैदानी जिले सभी बारिश से हलकान हैं.. अब मानसूनी सीजन उत्तराखंड के लिए पहले की तरह समृद्धि का पैगाम लेकर नहीं आता अब रीते हो चुके पहाड़ों में मुसीबत का सबब लेकर बरसता है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश पहाड़ों में आफत बनकर टूट रही है।
रानीखेत के पाखुड़ा गांव में रविवार तड़के करीब 4 बजे एक मकान की छत भरभराकर ढह गई। गनीमत रही कि हादसे में परिजनों ने अपनी जान बचा ली। दरअसल जिस वक्त हादसा हुआ उस वक्त परिवार के सभी सदस्य जगे हुए थे। ऐसे में सभी सदस्यों ने समय रहते बाहर भागकर अपनी जान बचा ली।
जानकारी के अनुसार गांव में एक परिवार अपने कच्चे मकान में सोया हुआ था। तड़के मौसमी शोर सुनकर सभी की नींद टूट गई. तभी अचानक छत में कुछ हलचल हुई आवाज सुनते ही परिवार के सभी सदस्य किसी तरह घर से बाहर निकल आए और देखते ही देखते पूरी छत भरभराकर जमीदोज हो गई ।
इस हादसे में परिवार का कोई सदस्य हताहत नहीं हुआ, लेकिन मकान से सटी पशुशाला इसकी चपेट में आ गई। गोठ में बंधे कई मवेशी मलबे के नीचे दब गए। तेज धमाके की आवाज सुनकर आस-पास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और भारी मशक्कत के बाद मलबा हटाकर चोटिल हुए मवेशियों को बाहर निकाल लिया गया।
हालांकि घटना के बाद से गांव में दहशत का माहौल है। लगातार बारिश से कई अन्य मकान भी जर्जर हालत में पहुंच गए हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मौके का निरीक्षण कर नुकसान का आकलन करने और प्रभावित परिवार को उचित मुआवजा देने की गुहार लगाई है। साथ ही गांव के अन्य जर्जर भवनों का सर्वे कर सुरक्षा के उपाय करने की भी अपील की है।

