देहरादून का लच्छीवाला टोल, किसानों का ‘हल्ला बोल’

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डोईवाला/देहरादून। लच्छीवाला टोल प्लाजा पर रविवार को किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। भारतीय किसान यूनियन टिकैत के बैनर तले स्थानीय किसानों और लोगों ने टोल वसूली के खिलाफ मोर्चा खोल दिया…और टोल प्लाजा पर धरना-प्रदर्शन कर हंगामा काटा।

किसानो का दो टूक कहना है टोल प्लाजा के बीस किलोमीटर के दायरे मे रहने वाले स्थानीय लोगों और किसानो से टोल नहीं वसूला जाना चाहिए..क्योंकि स्थानीय लोगों और किसानों का देहरादून रोजमर्रा का बाजार है जहां एक दिन में कई चक्कर लग जाते हैं और हर दिन स्थानीय निवासियों का देहरादून काम पड़ता है। ऐसे में रोज-रोज के टोल से जेब ढीली हो रही है और उसकी मुसीबतें बढ़ रही हैं।
प्रदर्शनकारियों ने नरा गढा, स्थानीय को हक दो, टोल फ्री करो। बहरहाल प्रदर्शन की सूचना मिलते ही राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और प्रशासन में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में हाईवे प्राधिकरण और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और किसानों को मनाने में जुट गए।

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काफी देर तक चली नाराजगी और हो हल्ले के बीच अधिकारियों ने किसानो से बात-चीत कर आश्वासन का रास्ता निकाला तब जाकर किसानो ने धरना पर्दर्शन खत्म किया और प्रशासन ने राहत की सांस ली। बहरहाल किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष परमजीत सिंह पम्मा ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यह सिर्फ ट्रेलर था। यदि जल्द ही 20 किलोमीटर के दायरे में टोल फ्री व्यवस्था लागू नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

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होगा क्या ये वक्त बताएगा लेकिन व्यवहारिक नजरिए से देखा जाए तो वाकई में टोल टैक्स स्थानीय जनता के लिए मुसीबत का सबब साबित हो रहा है। एक तो महंगाई भरे अच्छे दिन ऊपर से हर रोज का टोल टैक्स जबकि ऐसा कोई दिन नहीं होता जब टोल की बीस किलोमीटर की परिधि में रहने वाले किसान और स्थानीय जनता का काम देहरादून बाजार न पड़ता हो। कोई दवा लेने जाता है तो कोई दफ्तर कोई रिश्तेदारी में तो कोई खरीददारी में। ऐसे में हर रोज टोल टैक्स देना अखरता तो है।