कृषि मंत्री गणेश जोशी की आय से अधिक संपत्ति मामले में नया मोड़

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देहरादून। कृषि मंत्री गणेश जोशी से जुड़े आय से अधिक संपत्ति के मामले ने एक बार फिर सियासी और कानूनी हलचल बढ़ा दी है। इस मामले में मंत्री और याचिकाकर्ता पक्ष के दावों में सीधा टकराव सामने आया है।कृषि मंत्री गणेश जोशी ने इस प्रकरण पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि उन्होंने अब तक कोई बयान नहीं दिया था, लेकिन अब वह माननीय उच्च न्यायालय का आभार व्यक्त करना चाहते हैं, जिसने उनके खिलाफ दायर याचिका को खारिज कर दिया है।

जोशी ने बताया कि याचिका दो दिन पहले खारिज हुई थी और आदेश की प्रति उन्हें आज प्राप्त हुई है।गणेश जोशी का आरोप है कि उनके खिलाफ कांग्रेस कार्यकर्ता द्वारा वही पुराने दस्तावेज लगाकर याचिका दायर की गई थी। उन्होंने दावा किया कि याचिका में संबंधित व्यक्ति का एफिडेविट तक नहीं था और इसी आधार पर यह याचिका भी खारिज होनी ही थी। उन्होंने कहा कि आदेश उनके फोन में है।

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वहीं दूसरी ओर याचिकाकर्ता ने सवाल उठाया है कि जब फैसला ही प्रोनाउंस नहीं हुआ तो आदेश की कॉपी मंत्री के पास कैसे पहुंची? मामले की पैरवी कर रहे अधिवक्ता और सूचना अधिकार कार्यकर्ता विकेश सिंह नेगी ने मंत्री के दावे पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। विकेश नेगी का कहना है कि उनकी जानकारी के अनुसार मामले में फैसला अभी रिजर्व है और कोर्ट में डेस्क पर प्रोनाउंस नहीं हुआ है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि न्यायालय का आदेश औपचारिक रूप से सुनाए जाने से पहले उसकी कॉपी कैबिनेट मंत्री तक कैसे पहुंच गई।

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वहीं याचिकाकर्ता ने कहा कि आम जनता का न्यायपालिका पर भरोसा है और यदि रिजर्व फैसला पहले ही बाहर आ जाता है जैसे कैबिनेट मंत्री कह रहे हैं कि फैसले की कॉपी उनके फोन पर है तो जोशी ने न्याय प्रक्रिया पर सवालिया निशान लगा दिया है। विकेश नेगी ने कहा उनकी जानकारी में फैसला रिजर्व है जबकि जोशी कह रहे हैं मामला खारिज हो गया है। बहरहाल नेगी ने कहा कि उन्हें हाईकोर्ट के औपचारिक आदेश का इंतजार है , वहीं यह भी देखना है कि कैबिनेट मंत्री ने जो दावा कर रहे हैं उसे माननीय न्यायालय किस नजर से देखता है । क्योंकिं अब मामला बेहद गंभीर हो गया है ।