आम आदमी पर चालान, VIP पर खामोशी? उत्तराखंड परिवहन विभाग पर उठे सवाल

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देहरादून। उत्तराखंड के सचिवालय मे खड़े इन वाहनों को गौर से देखिए …नंबर टैक्सी का और नंबर प्लेट पर्सनल कार वाली…आम आदमी ऐसा कर दे तो परिवहन महकमा नियम-कानून के तेल से तर इतने चालन का ऐसा चाबुक चलाएगा कि बेचारा वाहन मालिक और वाहन चालक दोनो घुटने के बल बैठे दिखाई देंगे, हजूर माफ कर दो आइन्दा नहीं होगा कह कर रहम की गुहार लगाएंगे..लेकिन यहां मामला खास से जुड़ा है ऐसे में शायद परिवहन महकमा इतनी बड़ी गलती को नजर अंदाज करता हुआ सलाम ठोक देता है।

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11 सितंबर को कैबिनेट बैठक हुई तो सचिवालय में ऐसी टैक्सी नबंर वाली तमाम गाड़िया दाखिल हुई जिनसे खास लोग उतरे…सरकार के मंत्री टैक्सी नंबर वाली सफेद रंग की प्लेट वाली कार से बैठक के लिए पहुंचे। जिनमें कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी से लेकर भरत चौधरी और खजानदास तक शामिल दिखे…ऐसे में सवाल उठता है क्या परिवहन महकमें के नियम-कायदे सिर्फ आम आदमी के लिए हैं?

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सवाल यह भी है कि अगर टैक्सी वाहन पर सफेद नंबर प्लेट लगाना नियमों के खिलाफ है, तो क्या आला लोगों के वाहनों पर भी परिवहन महकमे का एक्शन होगा ? क्या परिवहन विभाग खास लोगों के वाहन का भी चालान काटेगा? उनके परमिट की जांच करेगा ? या फिर सिर्फ सड़क चलते आम आदमी पर ही हेकड़ी दिखाएगा…और साहब लोगों के टैक्सी में पंजीकृत वाहन कार वाली ठसक के साथ सड़क पर हूटर बजाते रहेंगे..और जांच पड़ताल इसलिए ठंडे बस्ते में चली जाएगी क्योंकि सरकार की सेवा में जुटे वाहनो में सवारियां आम नहीं, खास हैं।