देहरादून। उत्तराखंड में स्वाइन फ्लू का प्रकोप तेजी से फैल रहा है, जिससे स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है। राज्य में एक ही दिन में स्वाइन फ्लू के 25 नए मामले सामने आए हैं, जिसके बाद कुल संक्रमितों का आंकड़ा बढ़कर 403 हो गया है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान में 82 मरीज एक्टिव हैं, जिनका अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है।
प्रदेश में स्वाइन फ्लू के मामले लगातार बढ़ने से स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। संक्रमण रोकने के लिए अस्पतालों और फील्ड में मरीजों की स्क्रीनिंग का दायरा बढ़ा दिया गया है। जहां से भी नए मरीज मिल रहे हैं, वहां रैपिड रिस्पॉन्स टीम तुरंत पहुंचकर संपर्क में आए लोगों की जांच कर रही है और उनकी ट्रैवल हिस्ट्री खंगाल रही है।
आंकड़ों के मुताबिक, राज्य के कुल 403 मरीजों में से अकेले देहरादून जिले से 269 मामले दर्ज किए गए हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज कुमार शर्मा ने बताया कि संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए स्वास्थ्य विभाग की कई टीमें तैनात की गई हैं। बीमारी का बड़ा आउटब्रेक न हो, इसके लिए विभाग हर संभव कदम उठा रहा है।
स्वाइन फ्लू के साथ-साथ प्रदेश में डेंगू भी तेजी से पैर पसार रहा है। देहरादून जिले में डेंगू के 5 नए मरीज मिलने के बाद कुल मरीजों की संख्या बढ़कर 150 पहुंच गई है। इनमें से 22 एक्टिव मरीजों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज जारी है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. शर्मा के अनुसार, बृहस्पतिवार को सामने आए सभी नए मरीज अलग-अलग इलाकों के रहने वाले हैं।
डेंगू पर रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम की संयुक्त टीमें प्रभावित इलाकों में सक्रिय हैं। मच्छरों का लारवा नष्ट करने के लिए घर-घर जाकर लारवासाइड का छिड़काव किया जा रहा है। अधिकारियों का दावा है कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए हर स्तर पर निगरानी रखी जा रही है।
उत्तराखंड के स्वास्थ्य सचिव विनय शंकर पांडेय ने स्वाइन फ्लू और डेंगू की रोकथाम को लेकर अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने सभी अस्पतालों में मरीजों की स्क्रीनिंग तेज करने के आदेश दिए हैं। स्वास्थ्य सचिव ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि इलाज और रोकथाम में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

