प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड में श्री केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही इस वर्ष की चारधाम यात्रा के विधिवत प्रारंभ होने पर देशवासियों को अपनी शुभकामनाएं दी हैं। पीएम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ और एक विशेष पत्र के माध्यम से अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि चारधाम यात्रा केवल एक तीर्थ नहीं, बल्कि भारत की एकता, अटूट आस्था और समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं का एक दिव्य उत्सव है। उन्होंने बाबा केदार से सभी श्रद्धालुओं की यात्रा मंगलमय करने की प्रार्थना की और इसे सनातन संस्कृति के दर्शन का एक बड़ा माध्यम बताया।
चारधाम यात्रा का आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में इस बात पर जोर दिया कि बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री की यह यात्रा भारत की शाश्वत विरासत और आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक है। उनके अनुसार, यह यात्रा देश को एकजुट करने वाली एक ऐसी कड़ी है, जिससे हमारी सनातन संस्कृति की गहराई का अनुभव होता है। श्रद्धालुओं के लिए यह समय आत्मिक शांति और देवभूमि की पवित्रता से जुड़ने का एक पावन अवसर है।
केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ यात्रा का श्रीगणेश
लेख में जानकारी दी गई है कि विधि-विधान और पूरी धार्मिक मर्यादा के साथ केदारनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर विशेष रूप से एक पत्र लिखकर अपनी खुशी जाहिर की और श्रद्धालुओं के प्रति अपना स्नेह प्रकट किया। उन्होंने कामना की कि भगवान शिव की कृपा सभी पर बनी रहे और हर श्रद्धालु की मनोकामना पूर्ण हो।

