उत्तराखंड विधानसभा में 28 अप्रैल को एक दिवसीय विशेष सत्र का आयोजन होने जा रहा है, जिसका मुख्य विषय ‘नारी सम्मान: लोकतंत्र में अधिकार’ रखा गया है। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण के अनुसार, इस सत्र की फाइल राज्यपाल की मंजूरी के लिए भेज दी गई है और सचिवालय ने इसकी तैयारियां तेज कर दी हैं। इस सत्र का उद्देश्य महिलाओं के लोकतांत्रिक अधिकारों पर चर्चा करना और सदन के सभी सदस्यों के विचार जानना है।
सत्र का मुख्य एजेंडा और तैयारी
इस विशेष सत्र का केंद्र बिंदु महिला सशक्तिकरण और उनके अधिकार हैं। सरकार ने सभी प्रमुख सचिवों को पत्र भेजकर इस सत्र के लिए ‘नोडल ऑफिसर’ तैनात करने के निर्देश दिए हैं। सत्र के सुचारू संचालन के लिए 26 अप्रैल को सुरक्षा बैठक और 27 अप्रैल को कार्य मंत्रणा व सर्वदलीय बैठक बुलाई गई है, ताकि सभी दलों के साथ मिलकर कार्यवाही सुनिश्चित की जा सके।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम और राजनीतिक पक्ष
विधानसभा अध्यक्ष ने 2023 में पारित हुए ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ का जिक्र करते हुए कहा कि इसे सभी दलों ने सर्वसम्मति से स्वीकार किया था, जो महिलाओं को आगे बढ़ाने की सामूहिक प्रतिबद्धता को दिखाता है। हालांकि, उन्होंने 131वें संविधान संशोधन विधेयक के दौरान विपक्ष के व्यवहार पर निराशा जताई। उन्होंने कहा कि महिलाओं को 33% आरक्षण देने के मुद्दे पर जाति-धर्म की राजनीति करना महिलाओं के प्रति नकारात्मक सोच को दर्शाता है।

