Pithoragarh News: इंटर कॉलेज के छात्रों को पढ़ाएंगे प्राइमरी के गुरुजी…शिक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

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देहरादून। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में शिक्षा विभाग की एक बड़ी प्रशासनिक चूक सामने आई है। राजकीय इंटर कॉलेज बांसबगढ़ में विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की कमी दूर करने के नाम पर एक प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक की तैनाती कर दी गई है।

मुख्य शिक्षा अधिकारी तरुण पंत के मुताबिक, जीआईसी बांसबगढ़ से हाल ही में चार शिक्षकों का तबादला हुआ था। स्कूल में गणित एलटी स्तर का कोई शिक्षक उपलब्ध न होने के कारण वैकल्पिक व्यवस्था के तहत प्राथमिक स्कूल के शिक्षक को वहां भेजा गया है।

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खंड शिक्षा अधिकारी मुनस्यारी के इस आदेश के बाद स्थानीय प्रतिनिधियों और स्कूल प्रबंधन समिति में गहरा आक्रोश है। समिति ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही स्थाई विषय शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हुई, तो वे उग्र जन आंदोलन शुरू करेंगे।

व्यवस्था बनाने के नाम पर राजकीय प्राथमिक विद्यालय रुमीडोला से सहायक अध्यापक कमलेश जोशी को जीआईसी बांसबगढ़ भेजा गया है। हालांकि, प्राथमिक स्तर के शिक्षक को इंटर कॉलेज के छात्रों को पढ़ाने की जिम्मेदारी सौंपने से पढ़ाई की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं।

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शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने वाला यह अकेला मामला नहीं है। जीआईसी चहज में दो साल का कार्यकाल और परिवीक्षाकाल पूरा न करने वाली सहायक अध्यापिका हेमलता खाती का भी अनुरोध पर तबादला कर दिया गया था।

मामला संज्ञान में आने के बाद अपर निदेशक गजेंद्र सिंह सौन ने नियमों के उल्लंघन पर शिक्षिका के तबादले को तुरंत रद्द कर दिया है। अपर निदेशक ने स्पष्ट किया कि बिना परिवीक्षाकाल पूरा किए नियम विरुद्ध तबादला स्वीकार्य नहीं होगा।

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राज्य में एक ओर 1500 से अधिक शिक्षकों के तबादले को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर 20 से 25 वर्षों से दुर्गम और अति दुर्गम क्षेत्रों में तैनात शिक्षकों का सुगम स्थानों पर तबादला नहीं हो पा रहा है। ऐसे में विभाग की तबादला नीति पूरी तरह कटघरे में खड़ी है।

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