उत्तराखंड स्थित पिथौरागढ़ के पूर्व एसपी रहे आईपीएस लोकेश्वर सिंह की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दरअसल, न्यायालय के कड़े रुख के बाद पुलिस ने उनके खिलाफ विभिन्न गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है। यह मामला एक स्थानीय व्यापारी की शिकायत से जुड़ा है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि पुलिस अधिकारियों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार और मारपीट की थी। शुरुआत में जब स्थानीय पुलिस ने अपने ही उच्चाधिकारी के खिलाफ केस दर्ज करने में हिचकिचाहट दिखाई, तो पीड़ित ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। अब कोर्ट के आदेश पर मामला दर्ज कर लिया गया है और इसकी निष्पक्ष जांच के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया है।
क्या है पूरा मामला?
नगर के व्यापारी लक्ष्मी दत्त जोशी ने आरोप लगाया है कि फरवरी 2023 में जब वे अपनी बेटी के साथ सीवर लाइन की समस्या लेकर एसपी कार्यालय गए थे, तब तत्कालीन एसपी लोकेश्वर सिंह और अन्य पुलिसकर्मियों ने उनके साथ मारपीट की, उन्हें अपमानित किया और झूठे केस में फंसाने की धमकी दी। पीड़ित ने जब इसकी शिकायत की तो पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज नहीं की, जिसके बाद उन्होंने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में अर्जी दाखिल की।
इन धाराओं में दर्ज हुआ केस और शुरू हुई जांच
न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने आईपीएस लोकेश्वर सिंह और अन्य के खिलाफ आईपीसी की धारा 323, 342, 355, 504, 506, 392 और 120 के तहत मामला दर्ज किया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सीओ गोविंद बल्लभ जोशी के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया है जो इन आरोपों की सत्यता की जांच करेगी। वर्तमान एसपी ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष होगी और पीड़ित को अपने आरोपों के समर्थन में साक्ष्य पेश करने होंगे।

