उत्तराखंड के चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र के लिए एक अच्छी खबर है। प्रदेश के पांच राजकीय मेडिकल कॉलेजों में जल्द ही 53 स्थाई संकाय सदस्य नियुक्त किए जाएंगे। स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने विभाग द्वारा भेजे गए इस प्रस्ताव को अपनी मंजूरी दे दी है। यह कदम उन असिस्टेंट प्रोफेसरों के लिए उठाया गया है जिन्होंने अपनी दो साल की परिवीक्षा अवधि सफलतापूर्वक पूरी कर ली है। इस निर्णय से न केवल कॉलेजों में शैक्षणिक स्तर में सुधार होगा, बल्कि अस्पतालों में आने वाले मरीजों को भी बेहतर इलाज मिल सकेगा।
किस कॉलेज को मिलेंगे कितने स्थाई सदस्य?
सरकार के इस निर्णय के तहत अलग-अलग शहरों के मेडिकल कॉलेजों में स्थाई पदों का वितरण कुछ इस प्रकार किया गया है:
- देहरादून मेडिकल कॉलेज: 14 सदस्य
- हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज: 19 सदस्य
- श्रीनगर मेडिकल कॉलेज: 10 सदस्य
- अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज: 09 सदस्य
- हरिद्वार मेडिकल कॉलेज: 01 सदस्य
मरीजों और छात्रों को होगा सीधा लाभ
इन स्थाई नियुक्तियों का सबसे बड़ा फायदा मेडिकल की पढ़ाई कर रहे एमबीबीएस छात्रों को होगा, क्योंकि फैकल्टी की कमी दूर होने से उनकी पढ़ाई सुचारू रूप से चल सकेगी। इसके साथ ही, अनुभवी डॉक्टरों के स्थाई रूप से जुड़ने से मेडिकल कॉलेजों से संबद्ध अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर होंगी, जिससे आम जनता को इलाज के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।
स्वास्थ्य मंत्री का अहम फैसला
चिकित्सा शिक्षा विभाग ने असिस्टेंट प्रोफेसरों की परिवीक्षा अवधि पूरी होने के बाद उन्हें स्थाई करने का प्रस्ताव शासन को भेजा था। स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल द्वारा इस प्रस्ताव पर मुहर लगाए जाने के बाद अब इन मेडिकल कॉलेजों में मैनपावर की स्थिति मजबूत होगी।

