उत्तराखंड के शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा है कि अब राज्य के प्राथमिक विद्यालयों से लेकर विश्वविद्यालयों (यूनिवर्सिटी) तक के सभी छात्र-छात्राओं के लिए प्रतिदिन एक घंटा खेल अनिवार्य कर दिया गया है। देहरादून में अमर उजाला द्वारा आयोजित एक मैराथन कार्यक्रम के दौरान उन्होंने यह जानकारी दी। मंत्री जी का मानना है कि खेलों से जुड़ने से युवा नशे जैसी बुराइयों से दूर रहेंगे और शारीरिक व मानसिक रूप से मजबूत बनेंगे। उन्होंने ‘खेलो इंडिया’ अभियान की तारीफ करते हुए कहा कि सरकार हर स्तर पर खेलों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।
नशे से मुक्ति और बेहतर स्वास्थ्य पर जोर
शिक्षा मंत्री ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि जो बच्चे खेलकूद में हिस्सा लेते हैं, वे नशे की लत से बचे रहते हैं। उन्होंने सभी से अपील की कि वे अपने व्यस्त जीवन में से कम से कम एक घंटा अपने शरीर और स्वास्थ्य के लिए जरूर निकालें। डॉ. रावत ने खुद का उदाहरण देते हुए बताया कि वे फिट रहने के लिए खुद हर दिन 10 किलोमीटर पैदल चलते हैं।
शिक्षा के क्षेत्र में उत्तराखंड की उपलब्धि
कार्यक्रम के दौरान डॉ. रावत ने राज्य के शैक्षणिक प्रदर्शन पर भी गर्व जताया। उन्होंने बताया कि पिछले 25 वर्षों में उत्तराखंड ने बोर्ड परीक्षाओं में सबसे ज्यादा टॉपर दिए हैं। इस साल के नतीजों में 2% का सुधार हुआ है और 30% छात्र प्रथम श्रेणी (First Division) में पास हुए हैं। विशेष रूप से बेटियों का प्रदर्शन शानदार रहा है, जिनका रिजल्ट 96% दर्ज किया गया है।
अमर उजाला के प्रयासों की सराहना
शिक्षा मंत्री ने मैराथन और अन्य सामाजिक अभियानों के लिए ‘अमर उजाला’ की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि यह समाचार पत्र ज्वलंत मुद्दों को उठाकर समाज और युवाओं को जागरूक करने का काम कर रहा है। मेधावी छात्रों को सम्मानित करने और खेलों को बढ़ावा देने की उनकी पहल वाकई सराहनीय है।

