उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में श्री हेमकुंड साहिब प्रबंधन ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेंद्र जीत सिंह बिंद्रा के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस मुलाकात के दौरान आगामी यात्रा की तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार हेमकुंड साहिब यात्रा को सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। प्रशासन द्वारा यात्रा मार्ग और अन्य सुविधाओं की लगातार निगरानी की जा रही है ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी परेशानी का सामना न करना पड़े।
20 मई को रवाना होगा पहला जत्था
श्री हेमकुंड साहिब की पवित्र यात्रा का आगाज 20 मई 2026 को होगा। इस दिन ऋषिकेश से यात्रा के पहले जत्थे को पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ विदा किया जाएगा। विशेष बात यह है कि इस पहले जत्थे का नेतृत्व पारंपरिक रूप से ‘पंज प्यारे’ करेंगे। ट्रस्ट के अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री को इस विदाई समारोह में शामिल होने के लिए विशेष रूप से आमंत्रित किया है।
23 मई को खुलेंगे पवित्र कपाट
हेमकुंड साहिब के कपाट आधिकारिक तौर पर 23 मई 2026 को श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिए जाएंगे। सिखों के दसवें गुरु, गुरु गोबिंद सिंह जी की इस पावन तपोभूमि के दर्शन के लिए हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु यहाँ पहुँचते हैं। सरकार का मुख्य फोकस इस बार बुनियादी सुविधाओं को और बेहतर बनाने पर है ताकि अधिक से अधिक लोग सुगमता से दर्शन कर सकें।
सुरक्षा और सुविधा पर विशेष ध्यान
मुख्यमंत्री धामी ने स्पष्ट किया कि शासन और प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए हर संभव सहायता सुनिश्चित की जाएगी। यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य सेवाओं, रहने के इंतजाम और यातायात प्रबंधन को लेकर कड़े निर्देश जारी किए गए हैं, जिससे यात्रा को सफल बनाया जा सके।

