उत्तराखंड के पूर्व सीएम हरीश रावत अपने अर्जित अवकाश को पूरा कर फिर से अपने सियासी दफ्तर में हाजिर हैं. उन्होने काम-काज संभाल लिया है। इसी के तहत उन्होने महिला आराक्षण बिल पर भाजपा को कोसा है। हरदा ने भाजपा को महिला विऱोधी बताया है। हरीश रावत ने कहा कि भाजपा ने विपक्ष को कोसने के लिए ही 28 अप्रैल विशेष सत्र बुलाया है।हालांकि उन्होने भाजपा को चुनौती दी है कि अगर विपक्ष को कोसोगे तो विपक्ष भी चुप नहीं बैठेगा।
हरीश रावत ने कहा कि भाजपा कांग्रेस को हल्के में न ले, कांग्रेस के पास भी यशपाल आर्य,प्रीतम सिंह और हरीश धामी सरीखे विधायक हैं जो सत्ता पक्ष को माकूल जवाब देंगे। बहरहाल हरदा ने अपने फेसबुक पर दो पोस्ट अपलोड की हैं। जिसमें उन्होने लिखा है कि –“आरक्षण तो कांग्रेस के DNA में है। जिस दिन हम आरक्षण के साथ खड़े नहीं रहेंगे, उस दिन हम “गांधी जिंदाबाद”, “अंबेडकर जिंदाबाद”, “नेहरू जिंदाबाद”, “इंदिरा गांधी जिंदाबाद” और “कांग्रेस जिंदाबाद” कहने के लायक नहीं रहेंगे। अगर इसे तुम नहीं करोगे, तो 2029 में बदलाव लाकर हम करेंगे और देश की महिलाओं को संसद और विधानसभा में 33% आरक्षण देंगे”।

वहीं हरदा ने भाजपा को आड़े हाथ लेते हुए लिखा है कि –भाजपा का DNA आरएसएस से निकलता है, RSS के संगठन में आज तक क्यों नहीं कोई महिला शीर्ष तक पहुंची? भाजपा हमेशा से महिला विरोधी रही है और हम देश की जनता के साथ एकजुटता से भाजपा के पाखंड को तोड़ने का काम करेंगे। बहरहाल असल बात ये है कि छुट्टियां खत्म कर हरदा फिर से एक्टिव हो गए हैं।


