अब पर्वतीय जिलों में भी खुलेंगे ऑटोमेटेड वाहन टेस्टिंग स्टेशन, री-टेंडर आमंत्रित

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उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले वाहन स्वामियों के लिए एक राहत भरी और महत्वपूर्ण खबर सामने आई है, जिसके तहत अब मैदानी इलाकों की तर्ज पर पहाड़ों में भी वाहनों की फिटनेस की जांच आधुनिक ऑटोमेटेड वाहन टेस्टिंग स्टेशन के माध्यम से की जाएगी।

परिवहन विभाग ने इस दिशा में तेजी से कदम बढ़ाते हुए राज्य के चार प्रमुख पर्वतीय क्षेत्रों टिहरी, रुद्रप्रयाग, कर्णप्रयाग और बागेश्वर में इन आधुनिक स्टेशनों की स्थापना और उनके सफल संचालन के लिए इच्छुक कंपनियों, संस्थाओं और योग्य लोगों से आवेदन आमंत्रित किए हैं। विभाग का मुख्य उद्देश्य इन दुर्गम क्षेत्रों में वाहनों की जांच प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी, सटीक और आधुनिक उपकरणों से लैस बनाना है, जिससे सड़कों पर चलने वाले वाहनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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मैनुअल से ऑटोमेटेड तकनीक की तरफ बढ़ते कदम

उत्तराखंड में वाहनों की फिटनेस जांच की व्यवस्था में एक बड़ा तकनीकी बदलाव देखने को मिल रहा है, क्योंकि परिवहन कार्यालयों में पहले यह पूरी प्रक्रिया मैनुअल यानी पारंपरिक तरीके से की जाती थी जिसमें अधिक समय और श्रम लगता था।

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इस व्यवस्था को सुधारने के लिए परिवहन विभाग ने पहले चरण में देहरादून, हल्द्वानी, रुद्रपुर, हरिद्वार जिले और टनकपुर में चरणबद्ध तरीके से एटीएस के माध्यम से स्वचालित उपकरणों द्वारा फिटनेस जांच का कार्य सफलतापूर्वक शुरू कराया।

इस आधुनिक प्रणाली में स्वचालित मशीनों और उन्नत उपकरणों की मदद से वाहनों की फिटनेस को बिना किसी मानवीय पक्षपात के पूरी सटीकता के साथ परखा जाता है।

4 पर्वतीय जिलों के लिए री-टेंडर आमंत्रित

मैदानी क्षेत्रों में इस प्रणाली की सफलता को देखने के बाद अब परिवहन विभाग इस बेहतरीन सुविधा को पर्वतीय जिलों के नागरिकों तक पहुंचाने के प्रयास में पूरी गंभीरता से जुट गया है।

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इसी योजना के अंतर्गत विभाग द्वारा टिहरी, रुद्रप्रयाग, कर्णप्रयाग और बागेश्वर जैसे महत्वपूर्ण पहाड़ी क्षेत्रों में ऑटोमेटेड वाहन टेस्टिंग स्टेशनों के निर्माण और संचालन को अमली जामा पहनाने के लिए री-टेंडर आमंत्रित की गई हैं।

इस पहल के धरातल पर उतरने से स्थानीय वाहन स्वामियों को अपने वाहनों की फिटनेस जांच करवाने के लिए मैदानी शहरों की तरफ दौड़ लगाने की मजबूरी से हमेशा के लिए निजात मिल जाएगी।

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