देहरादून जिले में यातायात व्यवस्था को और अधिक स्मार्ट और सुरक्षित बनाने के लिए परिवहन विभाग ने 10 नए संवेदनशील हॉटस्पॉट पर सर्विलांस से लैस ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन कैमरे लगाने का निर्णय लिया है। विभाग ने इन कैमरों को लगाने के लिए स्थानों का चयन कर काम शुरू कर दिया है, जो न केवल आने-जाने वाले वाहनों की नंबर प्लेट पहचानेंगे बल्कि उनकी वीडियोग्राफी भी करेंगे। इन आधुनिक कैमरों की मदद से यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों का स्वतः चालान कटेगा और आवश्यकता पड़ने पर पुलिस इन कैमरों से प्राप्त वीडियो साक्ष्य का उपयोग भी कर सकेगी।
प्रमुख स्थान और कैमरों की कार्यक्षमता
परिवहन विभाग द्वारा चिन्हित किए गए स्थानों में देहरादून शहर के रायपुर स्टेडियम, शिमला बाईपास, कारगी चौक, छह नंबर पुलिया, साईं मंदिर, झाझरा और बल्लूपुर-ओएनजीसी चौक जैसे प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं। इसके अलावा ऋषिकेश क्षेत्र के एआरटीओ कार्यालय और एम्स क्रॉसिंग के साथ-साथ जौलीग्रांट एयरपोर्ट, हरिद्वार और विकासनगर मार्ग पर भी ये कैमरे स्थापित किए जाएंगे। ये एएनपीआर कैमरे 360 डिग्री पर वाहनों की आवाजाही को कवर करने में सक्षम हैं और ओवर स्पीडिंग, बिना हेलमेट वाहन चलाने, गलत दिशा में गाड़ी चलाने या दोपहिया वाहन पर तीन सवारी बैठने जैसी स्थितियों में अपने आप चालान जेनरेट कर देंगे।
बढ़ते ट्रैफिक दबाव में तकनीक से मिलेगी राहत
अधिकारियों के अनुसार, दून-दिल्ली एक्सप्रेस-वे शुरू होने के बाद शहर में वाहनों का दबाव काफी बढ़ गया है, जिससे सड़कों पर टीम तैनात कर मैन्युअल चेकिंग करना और वाहनों को रोककर चालान करना कठिन हो गया है क्योंकि इससे जाम की स्थिति पैदा होती है। संभागीय परिवहन अधिकारी डॉ. अनिता चमोला ने बताया कि इन कैमरों के माध्यम से वाहनों पर 24 घंटे पैनी नजर रखी जा सकेगी, जिससे मानवीय हस्तक्षेप की आवश्यकता कम होगी। इन कैमरों में लगे बुलेट कैमरों की मदद से करीब एक मिनट की वीडियो भी रिकॉर्ड होगी, जिसे साक्ष्य के रूप में उन लोगों को दिखाया जा सकेगा जो चालान भुगतान के दौरान प्रमाण की मांग करते हैं।

