नगर निगम देहरादून ने शहर को जलभराव की समस्या से बचाने और नदियों को पुनर्जीवित करने के लिए ‘100 डेज वन मिशन-रिवाइविंग आवर रिवर्स’ अभियान के तहत सफाई कार्य को और तेज कर दिया है। मेयर सौरभ थपलियाल के निर्देशों पर नगर आयुक्त नमामी बंसल द्वारा बनाई गई बहु-स्तरीय कार्ययोजना के तहत अब तक शहर के 9 प्रमुख नालों की सफाई पूरी की जा चुकी है।
इस व्यापक अभियान के दौरान नालों और छोटी नालियों से कुल 7922.94 मीट्रिक टन कचरा, जिसमें मुख्य रूप से प्लास्टिक और ठोस अपशिष्ट शामिल था, बाहर निकाला गया है। निगम द्वारा कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण के लिए छह जेसीबी मशीनों, सात डंपर और नौ ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का उपयोग किया जा रहा है ताकि आगामी मानसून में जल निकासी सुचारू रूप से हो सके।
नाला निर्माण की सुस्त रफ्तार पर विपक्ष का कड़ा रुख
मन्नूगंज नाले के निर्माण कार्य में हो रही अत्यधिक देरी को लेकर कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने लोक निर्माण विभाग के सचिव पंकज पांडे से मुलाकात कर अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। पूर्व विधायक राजकुमार और लालचंद शर्मा के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने आरोप लगाया कि टेंडर बहुत पहले स्वीकृत होने के बावजूद काम या तो बंद पड़ा है या बेहद धीमी गति से चल रहा है, जिसके कारण हालिया बारिश में लोगों के घरों में पानी घुस गया और उन्हें भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा। उन्होंने निर्माण की गुणवत्ता पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं और बताया कि कई स्थानों पर नाला इतना ऊंचा बना दिया गया है कि इससे आवागमन बाधित हो रहा है और भविष्य में जलभराव का खतरा और अधिक बढ़ गया है।
निगम की अपील और भविष्य की योजना
नगर निगम ने शहरवासियों से विशेष अपील की है कि वे नालों और नालियों में कूड़ा-कचरा या निर्माण सामग्री बिल्कुल न डालें, क्योंकि यह जल निकासी में सबसे बड़ा अवरोध पैदा करती है। निगम का कहना है कि देहरादून को स्वच्छ और जलभराव मुक्त बनाने के लिए जनसहभागिता अत्यंत आवश्यक है और यह सफाई अभियान निरंतर जारी रहेगा। दूसरी ओर, सचिव पंकज पांडे ने कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया है कि वे संबंधित विभागों को इन समस्याओं के त्वरित समाधान और क्षेत्र की जर्जर सड़कों के सुधार के लिए आवश्यक निर्देश जारी करेंगे।

