पटरियों की ‘सेहत’ पर ड्रोन की नजर: सूक्ष्म दरारों की पहचान होगी आसान, सुरक्षित होगी रेल यात्रा

ख़बर शेयर करें

केंद्र सरकार ने रेल पटरियों के रखरखाव के दौरान होने वाले हादसों को रोकने के लिए एक बड़ा फैसला लेते हुए अब पारंपरिक मैनुअल पेट्रोलिंग की जगह आधुनिक डिजिटल और सेंसर-आधारित सिस्टम को अपनाने का निर्णय लिया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य पटरियों की जांच को अधिक सटीक बनाना और उन ट्रैकमेन की मृत्यु दर को शून्य पर लाना है, जो अपनी ड्यूटी के दौरान जान गंवा देते हैं। वर्तमान में हर साल लगभग 200 से 300 ट्रैकमेन ट्रेन की चपेट में आकर अपनी जान गंवाते हैं, लेकिन अब इस नई तकनीक के आ जाने से पटरियों की ‘सेहत’ की निगरानी पूरी तरह सुरक्षित और कुशल तरीके से की जा सकेगी।

यह भी पढ़ें -  आर्टिफिशियल पनीर पर लगेगा पूर्ण प्रतिबंध: FSSAI ने लिए लिया बड़ा फैसला

सेंसर ट्रॉली और ड्रोन से बढ़ेगी कार्यक्षमता

रेलवे द्वारा अपनाई जा रही यह नई तकनीक न केवल सुरक्षित है, बल्कि काम करने की क्षमता में भी कई गुना इजाफा करती है। जहाँ एक सामान्य ट्रैकमेन भारी औजारों के साथ दिनभर में मुश्किल से 8-10 किलोमीटर ही पैदल चल पाता है, वहीं अत्याधुनिक सेंसर ट्रॉली अब दिनभर में 40-50 किलोमीटर तक के ट्रैक की जांच आसानी से कर सकेगी। इसके साथ ही, अल्ट्रासोनिक फ्लॉ डिटेक्शन (यूएसएफडी) और ड्रोन की मदद से पटरियों में आने वाली सूक्ष्म दरारों को भी 99 प्रतिशत तक सटीकता के साथ पहचाना जा सकेगा, जिससे रेल हादसों का खतरा काफी कम हो जाएगा।

यह भी पढ़ें -  उत्तराखंड के मैदानी इलाकों में गहराया जल संकट,12 हजार पारंपरिक स्रोत हुए सूखे

रेलवे रक्षक डिवाइस से मिलेगी जीवन सुरक्षा

ट्रैकमेन की सुरक्षा को और पुख्ता करने के लिए रेलवे अब ‘रेलवे रक्षक’ नामक एक वायरलेस कार्मिक चेतावनी प्रणाली को अनिवार्य बना रहा है। यह एक छोटा वायरलेस डिवाइस है जो हर ट्रैकमेन के पास रहेगा और जैसे ही कोई ट्रेन उस सेक्शन में प्रवेश करेगी, यह डिवाइस दो किलोमीटर पहले ही बीप और वाइब्रेशन के जरिए कर्मचारी को अलर्ट कर देगा। यह तकनीक उन स्थितियों में विशेष रूप से सहायक होगी जहाँ मोड़, कोहरा या मशीनी शोर के कारण ट्रेन के आने का पता नहीं चल पाता है, जिससे अब कर्मचारियों को समय रहते सुरक्षित स्थान पर जाने का मौका मिल सकेगा।

ADVERTISEMENTS
यह भी पढ़ें -  केदारनाथ यात्रा 2026: श्रद्धालुओं के लिए वरदान बनीं प्रशासन की व्यवस्थाएं, हर तरफ हो रही प्रशंसा
Ad