दून अस्पताल में जल्द शुरू होगा न्यूरो आईसीयू, गंभीर मरीजों को मिलेगा बेहतर इलाज

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देहरादून के राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करते हुए जल्द ही न्यूरो आईसीयू शुरू करने का निर्णय लिया गया है। सुपरस्पेशलिटी विभागों की समीक्षा बैठक के दौरान प्राचार्य डॉ. गीता जैन ने बताया कि न्यूरोलॉजिकल समस्याओं (दिमाग और नसों से जुड़ी बीमारियों) से जूझ रहे मरीजों को अब कहीं और भटकने की जरूरत नहीं होगी। कैथ लैब के सहयोग से अब दिमाग की धमनियों से संबंधित जटिल रोगों और स्ट्रोक का उपचार आधुनिक तकनीक से अस्पताल में ही संभव हो सकेगा। इससे न केवल मरीजों का समय बचेगा, बल्कि उन्हें विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाएं भी मिलेंगी।

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आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञ उपचार

अस्पताल में न्यूरोसर्जन अब एंडोवास्कुलर तकनीकों का उपयोग कर सकेंगे। इसकी मदद से स्ट्रोक, एन्यूरिज्म और ब्रेन वेसल्स (दिमाग की नसों) से संबंधित गंभीर बीमारियों का इलाज किया जाएगा। कैथ लैब की सहायता मिलने से यह प्रक्रिया और भी सटीक और प्रभावी होगी।

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मरीजों की निगरानी और तालमेल पर जोर

प्राचार्य ने सभी विभागाध्यक्षों को आपस में बेहतर समन्वय (Coordिनेशन) बनाकर काम करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कुछ विभागों में मरीजों की मॉनिटरिंग और ईसीजी जैसी आवश्यक जांचों में कमी देखी गई है, जिसमें सुधार लाना अनिवार्य है। अब मरीजों की निरंतर निगरानी सुनिश्चित की जाएगी ताकि किसी भी आपात स्थिति को समय रहते संभाला जा सके।

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सुपरस्पेशलिटी सेवाओं का विस्तार

समीक्षा बैठक का मुख्य केंद्र अस्पताल में सुपरस्पेशलिटी सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाना था। न्यूरो आईसीयू का बनना इसी दिशा में एक बड़ा कदम है, जो देहरादून और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों के लिए जीवन रक्षक साबित होगा।