देहरादून। राजधानी देहरादून में साइबर ठगी के चार अलग-अलग मामलों ने शहर में हड़कंप मचा दिया है। शातिर ठगों ने बैंक अधिकारी, पेंशन योजना और वर्क-फ्रॉम-होम का झांसा देकर चार अलग-अलग लोगों से 5.39 लाख रुपये से अधिक की रकम हड़प ली है। पीड़ितों की शिकायतों पर पुलिस ने संबंधित थानों में मुकदमे दर्ज कर साइबर सेल की मदद से जांच शुरू कर दी है।
पहला मामला कैंट थाना क्षेत्र का है, जहां अनुज कुमार सिंघल को एक अज्ञात नंबर से फोन कर खुद को बैंक अधिकारी बताया गया। ठगों ने mycard0101.com वेबसाइट के जरिए क्रेडिट कार्ड का सत्यापन करने के नाम पर ओटीपी हासिल किया और उनके खाते से 1,79,900 रुपये उड़ा लिए।
दूसरा मामला क्लेमेंटटाउन क्षेत्र का है, जहां छात्रा वंशिका शर्मा को ऑनलाइन काम का झांसा दिया गया। 700 फॉर्म भरने का काम सौंपने के बहाने ठगों ने 17 और 18 अक्टूबर को अलग-अलग लेनदेन के जरिए उनसे 1,09,000 रुपये ऐंठ लिए और फर्जी रसीदें थमा दीं।
तीसरे मामले में पटेलनगर थाना क्षेत्र की निवासी शिवांगी बदल के साथ एक लाख रुपये की साइबर धोखाधड़ी हुई। वहीं चौथे मामले में राजपुर निवासी चंचल सोनी को पीएनबी पेंशन योजना का अधिकारी बनकर फोन किया गया और व्हाट्सएप पर खतरनाक एपीके (APK) फाइल भेजी गई। इस फाइल को डाउनलोड करते ही उनका फोन हैक हो गया और आईसीआईसीआई बैंक खाते से 1.50 लाख रुपये एनईएफटी के जरिए निकाल लिए गए।
एसपी सिटी शेखर सुयाल ने पूरे मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि सभी मामलों में प्राथमिकता से एफआईआर दर्ज कर ली गई है और पुलिस टीमें आरोपियों की तलाश में जुटी हैं। उन्होंने नागरिकों से सख्त अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, अपनी ओटीपी किसी से साझा न करें और किसी भी अज्ञात स्रोत से आई एपीके फाइलों को अपने मोबाइल में भूलकर भी डाउनलोड न करें।

