देहरादून। राजधानी देहरादून में 16 करोड़ रुपये की लागत से बने नंदा की चौकी पुल की गुणवत्ता पर उठे विवाद के बीच भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष रुचि भट्ट के एक बयान ने राजनीतिक हलचल तेज कर दी है। पुल के निर्माण पर उठे सवालों के जवाब में रुचि भट्ट ने कहा कि उनकी कंपनी को भाजपा सरकार में उतना काम नहीं मिला, जितना कांग्रेस सरकार के दौरान मिला था।
उद्घाटन के कुछ ही दिनों बाद मानसून की पहली ही बारिश में नंदा की चौकी पुल में कई खामियां उजागर हुई थीं। पुल की गुणवत्ता को लेकर लगातार उठ रहे सवालों के बीच जब मीडिया ने बीजेपी महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष रुचि भट्ट से सवाल किया, तो उन्होंने अपनी ही सरकार के कार्यकाल में काम मिलने के आंकड़ों पर बयान दे दिया।
रुचि भट्ट ने सार्वजनिक रूप से कहा कि भाजपा सरकार में उनकी कंपनी को उतना काम नहीं मिला है, जितना पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में मिला था। सवाल पुल के निर्माण और उसकी मजबूती पर था, लेकिन पार्टी नेत्री का जवाब कांग्रेस बनाम भाजपा सरकार के काम मिलने के आंकड़ों पर केंद्रित हो गया।
बीजेपी महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष द्वारा सार्वजनिक मंच से अपनी सरकार में कम काम मिलने की बात कहे जाने के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। कयास लगाए जा रहे हैं कि यह केवल एक कारोबारी का अनुभव है या फिर इसके जरिए सरकार और सिस्टम को लेकर कोई अंदरूनी संदेश देने की कोशिश की गई है।
16 करोड़ के नंदा की चौकी पुल के निर्माण में आई गड़बड़ियों के बीच सत्ताधारी दल की वरिष्ठ नेत्री के इस बयान से विपक्ष को सरकार पर निशाना साधने का सीधा मौका मिल गया है। अब देखना होगा कि रुचि भट्ट के इस विवादास्पद बयान पर भारतीय जनता पार्टी संगठन और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस की क्या आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आती है।

