नारी शक्ति वंदन अधिनियम में जो संशोधन केंद्र सरकार चाहती थी उन से समूचा विपक्ष खफा था। विपक्ष का कहना था कि जब विधेयक 2023 में पास हो चुका है तो उसे लागू कराने के बाजाए संसोधन की टेबल पर क्यों रखा गया। संशोधनो को लेकर तमाम सवाल उठे और वोटिंग के दौरान संसोधन अधिनियम संसद में पास नहीं हो पाया.. इसे विपक्ष अपनी जीत मान बैठा है तो सत्ता पक्ष इस हार को पचा नहीं पा रहा है।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम संशोधन के मसौदे को भाजपा देश हित में करार दे रही है और कांग्रेस समेत तमाम विपक्ष को कोस रही है। देहरादून में भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी ने संशोधन विधेयक को सदन पटल पर मुंह के बल गिरने को विपक्ष का महापाप बताया। बीजेपी के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान का कहना है कि भाजपा जनता के बीच जाएगी और मातृशक्ति को जगाएगी।
इसके लिए भाजपा ने अपना कार्यक्रम तय कर लिया है। जिसमें विपक्ष के विरोध के लिए प्रेस वार्ता से लेकर धरना प्रदर्शन तक शामिल हैं। बहरहाल देखना ये है कि भाजपा जिस जनता को जगाना चाहती है वो इस नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक को किस कसौटी पर परखती है।

