लखनऊ कोचिंग सेंटर अग्निकांड: बायोमेट्रिक लॉक बना काल, आग लगते ही जाम हुआ दरवाजा, 15 छात्रों की मौत

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उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में स्थित एक तीन-मंजिला इमारत में चल रहे कंबाइंड कोचिंग और 3D एनिमेशन सेंटर में अचानक भीषण आग लगने से 15 मासूम छात्रों की जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि 9 अन्य छात्र गंभीर रूप से झुलस गए हैं।

शुरुआती जांच के मुताबिक, यह दर्दनाक हादसा दोपहर के वक्त शॉर्ट सर्किट होने और उसके बाद AC का कंप्रेसर फटने के कारण हुआ। आग इतनी तेजी से फैली कि पल भर में ही पूरी इमारत धुएं और लपटों के गुबार में तब्दील हो गई। इस सेंटर में 12वीं तक के बच्चों की ट्यूशन और एनिमेशन की क्लासेस चल रही थीं।

अचानक लगी आग से घबराए छात्रों ने अपनी जान बचाने के लिए तीसरी और दूसरी मंजिल की खिड़कियों व छतों से नीचे छलांग लगानी शुरू कर दी। इस दौरान कई छात्र गंभीर रूप से जख्मी हो गए। दिल दहला देने वाले इस हादसे में एक युवक ने खिड़की तोड़कर नीचे छलांग लगाई, लेकिन वह अनियंत्रित होकर बिजली के तारों से टकराते हुए नीचे नुकीली लोहे की रेलिंग पर गिर गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

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इस पूरे हादसे में सबसे बड़ी लापरवाही यह सामने आई कि इमारत का मुख्य दरवाजा बायोमेट्रिक सिस्टम से लैस था, जो आग लगते ही पूरी तरह लॉक हो गया। इसके कारण अंदर मौजूद छात्रों को बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिला। इसके अलावा, इस अवैध इमारत में इमरजेंसी एग्जिट का कोई दूसरा रास्ता नहीं था और न ही वहां कोई स्मोक डिटेक्टर या आग बुझाने के उपकरण मौजूद थे।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि सूचना देने के करीब 40 मिनट बाद दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं, जिससे लोगों में भारी आक्रोश देखा गया। बाद में पुलिस, एसडीआरएफ और दमकल कर्मियों ने बगल की इमारत से रास्ता बनाकर और दीवार तोड़कर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया, लेकिन तब तक 15 छात्रों की सांसें थम चुकी थीं, जिनमें तीन छात्राएं भी शामिल हैं।

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प्रशासन ने इस गंभीर लापरवाही पर सख्त कार्रवाई करते हुए भवन मालिक और कोचिंग संचालक समेत छह लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही, कर्तव्य में लापरवाही बरतने के आरोप में फायर ब्रिगेड और एलडीए के चार जिम्मेदार अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

CM योगी ने रद्द किए दौरे, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी घायलों से की मुलाकात

लखनऊ में हुए दर्दनाक हादसे के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपना अलीगढ़ का दौरा बीच में ही छोड़कर तुरंत लखनऊ पहुंचे और घटनास्थल पर राहत कार्यों का जायजा लिया। सीएम योगी ने उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक से हादसे की पूरी जानकारी ली और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने के कड़े निर्देश दिए हैं।

इस मामले की गहराई से जांच के लिए मुख्यमंत्री के निर्देश पर दो सदस्यीय विशेष जांच दल का गठन किया गया है, जिसमें अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात और लखनऊ के अपर पुलिस महानिदेशक प्रवीण कुमार शामिल हैं, जो सात दिन में अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे। इसके साथ ही, स्थानीय सांसद और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी लखनऊ पहुंचकर घायलों से मुलाकात की और पीड़ितों के परिजनों को ढांढस बंधाया।

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मुख्यमंत्री ने पुलिस महानिदेशक और अपर मुख्य सचिव गृह से हादसे की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है और मंगलवार के अपने सभी आगामी दौरे रद्द कर दिए हैं। KGMU अस्पताल में घायलों से मिलने पहुंचे सीएम योगी ने मृतकों के परिजनों को सांत्वना देते हुए भावुक शब्दों में कहा कि “हम किसी की जिंदगी तो नहीं लौटा सकते, पर विश्वास दिलाते हैं कि दोषी बख्शे नहीं जाएंगे”। उन्होंने आला अफसरों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक कर साफ शब्दों में निर्देश दिया कि इस भीषण हादसे की पूरी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।

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