भारतीय सेना की पहली महिला कॉम्बैट पायलट ने रचा इतिहास; UN शांति रक्षक दिवस पर मिला अंतरराष्ट्रीय सम्मान

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भारतीय सेना में शामिल बेटी ने एक बार फिर दुनिया में तिरंगे का मान बढ़ाया है। मेजर अभिलाषा बराक को संयुक्त राष्ट्र, 2025 के ‘मिलिट्री जेंडर एडवोकेट ऑफ द ईयर’ अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। साहस समर्पण और बलिदान का प्रतीक ये खिताब भारत की बेटी को UN शांति रक्षक दिवस यानि 29 मई को दिया गया।

दरअसल भारत की बेटी मेजर अभिलाषा बराक मौजूदा वक्त में UN अंतरिम बल (UNIFIL) में हैं और लेबनान में तैनात है। जहां वो अपने हैलीकॉप्टर के साथ-साथ फ्रंटलाइन कमांडर के तौर पर लेबनानी महिलाओं और लड़कियों के लिए व्यावसायिक प्रशिक्षण, शिक्षा और स्वास्थ्य कैंप भी चला रही हैं। सयुक्त राष्ट्र के मुताबिक मेजर अभिलाषा बराक की पहल से 5000 से ज्यादा लेबनानी महिलाओं को रोजगार और आत्मनिर्भरता का रास्ता मिला है।

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गौरतलब है कि हरियाणा की रहने वाली अभिलाषा बराक 2022 में भारतीय सेना की पहली महिला कॉम्बैट हेलीकॉप्टर पायलट बनी थीं। आर्मी एविएशन कोर में शामिल होकर उन्होंने ध्रुव हेलीकॉप्टर उड़ाया और अब संयुक्त राष्ट्र मिशन में भी हेलीकॉप्टर यूनिट संभाल रही हैं।

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आपको बता दें कि यूनाइटेड नेशन हर साल पीस कीपिंग मिशन में जेंडर समानता के लिए काम करने वाले एक सैन्य अधिकारी को ‘मिलिट्री जेंडर एडवोकेट ऑफ द ईयर’ अवॉर्ड से सम्मानित करता है। मेजर बराक से पहले 2020 में मेजर सुमन गवानी को ये सम्मान मिल चुका है।

अंतर्राष्ट्रीय स्तर के इस सम्मान ने साबित कर दिया है कि बेटियों को सिर्फ मौके की दरकार होती है कामयाबी के शिखर पर वो अपने हुनर और मेहनत से परचम लहरा देती हैं। ‘मेजर बिटिया को मिला ये सम्मान नारी शक्ति की मिसाल हैं जिससे साबित हो रहा है कि भारत की बेटी युद्ध भूमि बहादुर योद्धा बनने से भी नहीं हिचकती और शांति मिशन में देवदूत जैसा किरदार भी अदा कर सकती है।

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