उत्तराखंड में पहाड़ों से लेकर मैदानों तक धधक रहे जंगल, कहीं जले मकान तो कहीं स्कूल और बागान

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उत्तराखंड में लगातार बढ़ती गर्मी के कारण जंगलों में भीषण आग का तांडव देखने को मिल रहा है, जिसने अब पर्वतीय इलाकों से लेकर मैदानी क्षेत्रों तक को अपनी चपेट में ले लिया है। वनाग्नि का यह विकराल रूप अब जंगलों से निकलकर रिहायशी इलाकों और गांवों की तरफ बढ़ने लगा है, जिसके चलते भारी जान-माल का नुकसान हुआ है।

इस भयावह स्थिति के कारण कर्णप्रयाग क्षेत्र में एक महिला की दर्दनाक मौत हो गई है, जबकि विकासनगर में एक स्कूल पूरी तरह जलकर खाक हो गया है। पूरे गढ़वाल मंडल में हालात बेहद चिंताजनक बने हुए हैं, जहां एक दर्जन से अधिक स्थानों पर जंगल धू-धू कर जल रहे हैं और वन विभाग व स्थानीय प्रशासन कड़ी मशक्कत के बाद भी इस भीषण आग पर पूरी तरह काबू पाने में असमर्थ दिख रहा है।

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कहीं मौत तो कहीं वन संपदा को भारी नुकसान

कर्णप्रयाग के आदिबदरी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बदाणगाड़ के जंगलों में मंगलवार देर शाम भीषण आग लग गई, जो खेतों के रास्ते फैलती हुई बूंगा गांव के रास्तों तक पहुंच गई। इस आग की चपेट में उस समय एक स्थानीय महिला आ गई जब वह अपनी गोशाला की ओर जा रही थी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके अलावा, गोपेश्वर के नजदीक देवखाल के चीड़ के जंगलों में लगी आग ने भी भयंकर रूप ले लिया, जिससे कई हेक्टेयर में फैली बेशकीमती वन संपदा पूरी तरह नष्ट हो गई है।

दायरा बढ़ा रहीं वनाग्नि की भीषण लपटें

वनाग्नि का प्रकोप अब केवल जंगलों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बस्तियों तक पहुंच रहा है। अगस्तमुनि नगर पंचायत के धन्यू क्षेत्र में आग की भीषण लपटें गोशालाओं और रिहायशी मकानों के बेहद करीब तक पहुंच गईं, जिससे लोगों में हड़कंप मच गया।

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वहीं, नई टिहरी और पौखाल रेंज में स्थित सेब और कीवी के बागानों में आग पहुंचने से फलदार पौधे बुरी तरह झुलस गए हैं, जिससे बागवानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। भारी प्रयासों के बावजूद भी वनकर्मी आग बुझाने में पूरी तरह कामयाब नहीं हो पा रहे हैं और लैंसडौन क्षेत्र के फरसूला के पास लगी आग से लगभग चार हेक्टेयर वन क्षेत्र प्रभावित हुआ है।

मकान और स्कूल जले, ऋषिकेश में मधुमक्खी पालन प्लांट खाक

पुरोला के मोरी क्षेत्र में स्थित देवती गांव में मंगलवार देर रात एक दो मंजिला मकान में आग लग गई, जिसकी चपेट में आने से मकान मालिक भी बुरी तरह झुलस गया। इसी तरह, विकासनगर के कालसी में नागथात स्थित सरस्वती शिशु विद्या मंदिर तक जंगल की आग पहुंच गई, जिसने स्कूल के फर्नीचर सहित अन्य जरूरी सामान को जलाकर खाक कर दिया, जिसे बाद में ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से मिलकर बुझाया।

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इसके अतिरिक्त, ऋषिकेश के छिद्दरवाला में एक मधुमक्खी प्लांट में आग लगने से मधुमक्खियों के 150 बॉक्स जलकर पूरी तरह राख हो गए हैं। इस बीच, कोटद्वार के कल्जीखाल के जंगलों में जानबूझकर आग लगाने के आरोप में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार भी किया है।

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