उत्तराखंड में चल रही पवित्र चारधाम और हेमकुण्ड साहिब यात्रा को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए उत्तराखंड पुलिस पूरी मुस्तैदी के साथ जुटी हुई है। यात्रा शुरू हुए एक महीने से अधिक का समय बीत चुका है और इस अवधि में अब तक 23 लाख 65 हजार से अधिक श्रद्धालु चारों धामों के दर्शन कर पुण्य लाभ कमा चुके हैं।
लगातार बढ़ती भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन द्वारा कंट्रोल रूम के माध्यम से प्रतिदिन यात्रा मार्गों और धामों की सघन मॉनिटरिंग की जा रही है ताकि कानून-व्यवस्था और यातायात प्रबंधन चाक-चौबंद बना रहे। देवभूमि आने वाले सभी तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस और प्रशासन ने रात-दिन एक कर रखा है और वे यात्रियों से लगातार प्रशासनिक दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील कर रहे हैं।
सुरक्षा व्यवस्था और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती
बढ़ती भीड़ और यात्रा मार्गों की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। विशेष रूप से भारी भीड़ वाले क्षेत्रों, जैसे जनपद रुद्रप्रयाग के केदारनाथ धाम में, स्थिति को संभालने के लिए कुमाऊं परिक्षेत्र से अतिरिक्त पुलिस बल मंगाकर तैनात किया गया है। वर्तमान में यात्रा मार्गों और सभी धामों पर पैरामिलिट्री फोर्स, प्रांतीय रक्षक दल (PRD), एसडीआरएफ और स्थानीय जिला पुलिस के जवान लगातार 24 घंटे अपनी सेवाएं दे रहे हैं, जिससे किसी भी आपातकालीन स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
भीड़ नियंत्रण और ग्राउंड जीरो पर प्रभावी प्रबंधन
पिछले सप्ताह से धामों में उमड़ रहे जनसैलाब को नियंत्रित करने और यातायात व्यवस्था को अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए अतिरिक्त राजपत्रित अधिकारियों की विशेष ड्यूटियां लगाई गई हैं। ये उच्च अधिकारी सीधे ग्राउंड जीरो पर रहकर कानून-व्यवस्था और वाहनों के आवागमन का जिम्मा संभाल रहे हैं। जैसे-जैसे श्रद्धालुओं की संख्या में इजाफा हो रहा है, पुलिस अपनी तैयारियों को और अधिक संवेदनशील, मजबूत और व्यावहारिक बना रही है ताकि देश-विदेश से आने वाले किसी भी श्रद्धालु को असुविधा का सामना न करना पड़े।

