नीति आयोग की SDG रैंकिंग में उत्तराखंड बना देश का No.1 राज्य, CM धामी ने अचीवर्स को सराहा

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अल्मोड़ा के उदय शंकर नृत्य एवं संगीत अकादमी में आयोजित राज्य स्तरीय एसडीजी अचीवर्स अवार्ड समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस गरिमामयी कार्यक्रम के दौरान सतत विकास लक्ष्यों की दिशा में उत्कृष्ट और उल्लेखनीय कार्य करने वाले देश के 32 विभिन्न संगठनों, व्यक्तियों और समूहों को मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किया गया।

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने स्पष्ट किया कि राज्य में पर्यावरण और अर्थव्यवस्था के बीच सही संतुलन बनाकर ही सतत विकास का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उन्होंने पर्वतीय राज्यों के लिए पर्यावरण संरक्षण के साथ विकास को आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया और सीमित संसाधनों के बावजूद असाधारण उपलब्धियां हासिल करने वाली संस्थाओं के मजबूत इरादों व समर्पण की सराहना की।

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उत्तराखंड की प्रतिव्यक्ति आय में रिकॉर्ड बढ़ोतरी

राज्य की आर्थिक प्रगति का ब्योरा देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तराखंड की जीडीपी में 7.23 प्रतिशत की शानदार वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि प्रदेश की प्रतिव्यक्ति आय भी 4.1 प्रतिशत की दर से बढ़ी है। इसके साथ ही बेरोजगारी दर में 4.4 प्रतिशत की भारी कमी लाते हुए उत्तराखंड ने राष्ट्रीय औसत से कहीं बेहतर प्रदर्शन करने में कामयाबी हासिल की है।

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उद्योग, स्टार्टअप, सुगम हेलीकॉप्टर सेवाओं, हाईवे निर्माण और ग्रीन एनर्जी जैसे विभिन्न क्षेत्रों में हुए अभूतपूर्व विकास के चलते अब प्रदेश में बड़े पैमाने पर रिवर्स पलायन भी देखने को मिल रहा है। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा ने भी राज्य के शीर्ष स्थान पर पहुंचने को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री धामी के संकल्पों का प्रतिफल बताया।

जिलों की वार्षिक रैंकिंग में रुद्रप्रयाग अव्वल

जिला स्तरीय एसडीजी वार्षिक रैंकिंग में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छह जनपदों को भी मंच पर पुरस्कृत किया गया, जिसमें रुद्रप्रयाग जिले ने पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इस रैंकिंग में उत्तरकाशी और नैनीताल संयुक्त रूप से दूसरे पायदान पर रहे, जबकि बागेश्वर, चमोली और टिहरी को संयुक्त रूप से तीसरा स्थान प्राप्त हुआ।

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इस दौरान कई प्रेरक नवाचारों को सराहा गया, जैसे देहरादून के विकास उनियाल को मंदिरों के बेकार फूलों से अगरबत्ती बनाकर महिलाओं को रोजगार देने के लिए, हरिद्वार के सुमित सिंह को जीरो वेस्ट विलेज मॉडल और कचरा प्रबंधन के लिए तथा गोकुल के मोहन जगूड़ी को स्वच्छता जागरूकता के सराहनीय प्रयासों के लिए सम्मानित किया गया।

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