सरदार पटेल भवन के सभागार में पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल परिक्षेत्र श्री राजीव स्वरूप की अध्यक्षता में औद्योगिक इकाइयों के विभिन्न पदाधिकारियों के साथ एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य आगामी कांवड़ और कुंभ मेले के दौरान क्षेत्र की कानून व्यवस्था को पूरी तरह चुस्त-दुरुस्त रखना है।
बैठक को संबोधित करते हुए आईजी गढ़वाल ने स्पष्ट किया कि इतने बड़े धार्मिक आयोजनों के सफल संपादन के लिए पुलिस प्रशासन और स्थानीय औद्योगिक इकाइयों के बीच एक मजबूत और बेहतर समन्वय होना बेहद जरूरी है, ताकि मेले के दौरान आम जनमानस को कोई परेशानी न हो और फैक्ट्रियों के मालवाहक वाहनों का आवागमन भी बिना किसी रुकावट के सुगम तरीके से चलता रहे।
इस गोष्ठी में मुख्य रूप से हरिद्वार, देहरादून और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में आगामी मेलों के दौरान सुदृढ़ सुरक्षा चक्र तैयार करने पर गहराई से मंथन किया गया, जिसमें एसपी देहात विकासनगर पंकज गैरोला, एसपी देहात ऋषिकेश जया बलूनी सहित कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और विभिन्न नामी कंपनियों के पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया।
औद्योगिक क्षेत्रों में महिला सुरक्षा का कड़ाई से पालन
औद्योगिक इकाइयों में काम करने वाली महिला कर्मचारियों को पूरी तरह सुरक्षित माहौल देने के लिए आईजी गढ़वाल ने बेहद सख्त रुख अपनाते हुए सभी कंपनियों को विशाखा गाइडलाइन का शत-प्रतिशत पालन करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि नाइट शिफ्ट में काम करने वाली महिलाओं के लिए सुरक्षित परिवहन की व्यवस्था करना और कार्यस्थल पर उनकी सुरक्षा के सभी मानकों को कड़ाई से लागू करना प्रबंधन की सीधी ज़िम्मेदारी होगी।
इसके साथ ही, संबंधित थाना पुलिस को भी निर्देशित किया गया है कि वे समय-समय पर इन औद्योगिक क्षेत्रों में जाकर विशेष जागरूकता शिविर लगाएं, जहाँ महिला श्रमिकों को उनके कानूनी अधिकारों की जानकारी देने के साथ-साथ आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों जैसे 112 और 1090 के बारे में विस्तार से बताया जाए ताकि वे बिना किसी डर या संकोच के सुरक्षित वातावरण में अपनी ड्यूटी कर सकें।
संदिग्धों पर नजर रखने के लिए पुलिस सत्यापन अनिवार्य
आगामी कांवड़ और कुंभ मेले जैसे संवेदनशील अवसरों पर सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की चूक से बचने के लिए पुलिस महानिरीक्षक ने सभी कंपनियों में काम करने वाले बाहरी कर्मचारियों और दैनिक श्रमिकों के पुलिस सत्यापन को अनिवार्य कर दिया है।
उन्होंने औद्योगिक संस्थानों के प्रबंधकों को कड़े निर्देश दिए हैं कि वे अपनी इकाइयों में कार्यरत सभी पुराने और नए श्रमिकों का वेरिफिकेशन डेटा संबंधित थानों के माध्यम से बेहद तेजी से पूरा करवाएं, ताकि किसी भी स्तर पर संदिग्ध गतिविधियों या समाज विरोधी अवांछित तत्वों के प्रवेश पर पूरी तरह से रोक लगाई जा सके।
पुलिस प्रशासन का मानना है कि इस अनिवार्य सत्यापन प्रक्रिया से न केवल औद्योगिक क्षेत्रों की आंतरिक सुरक्षा मजबूत होगी बल्कि महाकुंभ और कांवड़ मेले के दौरान पूरे गढ़वाल परिक्षेत्र में कानून व्यवस्था की स्थिति को पूरी तरह अभेद्य बनाए रखने में बड़ी मदद मिलेगी।

