उत्तराखंड में मिलावटखोरों पर कसेगा शिकंजा: मुख्य सचिव ने दिए दूसरी फूड टेस्टिंग लैब शुरू करने के दिए निर्देश

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देहरादून में मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सुरक्षित भोजन और स्वस्थ आहार को लेकर राज्य स्तरीय सलाहकार समिति की छठी बैठक संपन्न हुई। इस उच्च स्तरीय बैठक में प्रदेश के नागरिकों को शुद्ध खान-पान सुनिश्चित कराने के लिए कई कड़े और ऐतिहासिक फैसले लिए गए।

मुख्य सचिव ने आगामी 7 जून, 2026 को ‘विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस’ के अवसर पर राज्य की दूसरी खाद्य परीक्षण लैब का अनिवार्य रूप से लोकार्पण करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही, आम जनता की सहूलियत के लिए चार अंकों का एक सरल हेल्पलाइन नंबर जारी करने की बात कही गई है, जिससे लोग मिलावटखोरी की शिकायत आसानी से दर्ज करा सकेंगे। बैठक में खाद्य पदार्थों की जांच का दायरा बढ़ाने, मिलावटखोरों के खिलाफ अदालतों में मजबूत पैरवी कर कड़ी सजा दिलाने और केंद्र से मिलने वाले बजट के लिए एक विशेष कॉर्पस फंड बनाने की रणनीति पर भी गंभीर चर्चा हुई।

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कुंभ 2027 के लिए खाद्य सुरक्षा का ब्लूप्रिंट

आगामी महाकुंभ 2027 की संवेदनशीलता और महत्ता को देखते हुए राज्य सरकार ने अभी से अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए हैं कि कुंभ मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं को स्वच्छ और सुरक्षित भोजन मिले, इसके लिए विशेष परीक्षण और निगरानी टीमें तैनात की जाएंगी।

पूरे मेला क्षेत्र में समर्पित वेंडिंग जोन चिह्नित किए जाएंगे ताकि खान-पान की व्यवस्था सुव्यवस्थित रहे। इसके साथ ही, भोजन की शुद्धता को मौके पर ही परखने के लिए मोबाइल टेस्टिंग लैब्स की संख्या में भी बढ़ोतरी की जाएगी, जिससे किसी भी आपात स्थिति या संदिग्ध खाद्य सामग्री की तुरंत जांच की जा सके।

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सरकारी संस्थानों में ‘ईट राइट कैम्पस’ की शुरुआत

राज्य में स्वस्थ आहार की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए सबसे पहले सरकारी प्रतिष्ठानों को आदर्श के रूप में पेश किया जाएगा। मुख्य सचिव ने कहा कि ‘ईट राइट कैम्पस सर्टिफिकेशन’ की शुरुआत राजकीय शिक्षण संस्थानों, छात्रावासों, सरकारी वृद्धाश्रमों, बाल गृहों और नारी निकेतनों से की जानी चाहिए।

इसके अलावा, स्कूलों में मिलने वाले मिड-डे मील और आंगनवाड़ी केंद्रों के टेक-होम राशन की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। वहीं, होटल और रेस्टोरेंट के प्रबंधकों व मुख्य रसोइयों के लिए विशेष वर्कशॉप आयोजित की जाएंगी ताकि वे खाद्य सुरक्षा के वैश्विक मानकों को समझ सकें।

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इस्तेमाल हो चुके कुकिंग ऑयल पर कड़ा एक्शन

सेहत के लिए बेहद नुकसानदेह साबित होने वाले दोबारा इस्तेमाल किए गए तेल को पूरी तरह से फूड चेन से बाहर करने के लिए भी सरकार ने ठोस कदम उठाए हैं। इसके तहत राज्य में ऐसे तेल को इकट्ठा करने वाले संग्राहकों की संख्या बढ़ाई जाएगी ताकि होटल-ढाबों से निकलने वाले दूषित तेल का पुन: उपयोग न हो सके।

इस महत्वपूर्ण बैठक में सचिव श्री विनय शंकर पाण्डेय और अपर सचिव श्री रोहित मीणा सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिन्होंने राज्य के भीतर खाद्य सुरक्षा के पूरे ईकोसिस्टम को मजबूत करने पर अपनी सहमति जताई।

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