देश की प्रतिष्ठित परीक्षा नीट-यूजी पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए महाराष्ट्र से दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी ने लातूर से बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर मनोज शिरूरे और पुणे के एक कोचिंग सेंटर में कार्यरत भौतिकी के शिक्षक तेजस हर्षदकुमार शाह को अपनी गिरफ्त में लिया है।
गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को दिल्ली की एक अदालत में पेश किया गया, जहां से माननीय अदालत ने उन्हें पांच दिन की सीबीआई हिरासत में भेज दिया है। इस बड़ी कार्रवाई के बाद देश को झकझोर देने वाले इस पेपर लीक घोटाले में अब तक गिरफ्तार होने वाले कुल आरोपियों की संख्या बढ़कर 13 हो चुकी है, जिससे जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है।
पेपर लीक की साजिश में अहम भूमिका
सीबीआई के अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार किए गए बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर मनोज शिरूरे पर आरोप है कि उन्होंने लातूर में ‘रेनूकाई केमिस्ट्री क्लासेस’ का संचालन करने वाले शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर के बेटे सहित तीन अन्य छात्रों को अनुचित लाभ पहुंचाया था।
उन्होंने नीट के पेपर सेटर पीवी कुलकर्णी के माध्यम से इन छात्रों को केमिस्ट्री के प्रश्न दिलाने में बेहद महत्वपूर्ण और संदिग्ध भूमिका निभाई थी; इस सिलसिले में जांच एजेंसी मोटेगांवकर को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। डॉक्टर शिरूरे से सीबीआई ने कुछ दिन पहले भी हिरासत में लेकर गहन पूछताछ की थी, जिसके बाद साक्ष्यों के आधार पर यह कदम उठाया गया है।
देशव्यापी छापेमारी में अहम दस्तावेज बरामद
मामले के दूसरे गिरफ्तार आरोपी तेजस हर्षदकुमार शाह पुणे के ‘डॉ. अभंग प्रभु मेडिकल एकेडमी’ नामक कोचिंग सेंटर में फिजिक्स के शिक्षक के रूप में काम करते हैं। जांच में सामने आया है कि तेजस शाह को इस मामले में पूर्व में गिरफ्तार हो चुकी आरोपी मनीषा हवलदार के जरिए नीट-यूजी के फिजिक्स विषय के लीक हुए प्रश्न पत्र प्राप्त हुए थे।
सीबीआई के प्रवक्ता ने इस संबंध में बयान जारी कर बताया है कि पेपर लीक के इस पूरे नेटवर्क की हर एक कड़ी को जोड़ने और इसके पीछे छिपी मुख्य साजिश का पर्दाफाश करने के लिए जांच बेहद तेजी से आगे बढ़ रही है; इसी कड़ी में सीबीआई अब तक देश के 49 अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर चुकी है, जहां से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, लैपटॉप और मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं।

