पौड़ी के एकेश्वर में बहुउद्देशीय शिविर का आयोजन, कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने गिनाईं 9 साल की विकास योजनाएं

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उत्तराखंड सरकार के लोक निर्माण, सिंचाई, पर्यटन और संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने पौड़ी जिले के एकेश्वर (पणखेत) में सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अवसर पर एक विशाल बहुउद्देशीय शिविर का भव्य शुभारंभ किया। इस मौके पर स्थानीय जनता को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में पूरे उत्तराखंड में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन और रोजगार के क्षेत्रों में अभूतपूर्व काम हो रहे हैं और राज्य में निरंतर विकास की गंगा बह रही है।

कैबिनेट मंत्री ने चौबट्टाखाल विधानसभा क्षेत्र के विकासखण्ड एकेश्वर में पिछले 9 वर्षों के दौरान हुए विभिन्न ऐतिहासिक विकास कार्यों का ब्यौरा जनता के सामने रखा और बताया कि कैसे धरातल पर योजनाओं को उतारकर सीमांत क्षेत्रों की तस्वीर बदली जा रही है। इस शिविर में कई सरकारी विभागों के स्टॉल लगाए गए और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी धूम रही।

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पेयजल योजनाओं को मिली भारी धनराशि

क्षेत्रीय विधायक और कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है। विकासखण्ड एकेश्वर के तहत बहुप्रतीक्षित भूम्या डांडा और ज्वाल्पा देवी ग्राम समूह पंपिंग पेयजल योजनाओं के लिए 44 करोड़ 18 लाख 82 हजार रुपये की भारी धनराशि स्वीकृत की गई है, जिससे क्षेत्र के 24 छोटे-बड़े गांवों और तोकों की जनता सीधे लाभान्वित होगी।

इसके अलावा, जल जीवन मिशन के अंतर्गत पेयजल निगम द्वारा स्वीकृत 31 करोड़ 64 लाख 93 हजार रुपये की योजनाओं पर 75 प्रतिशत से अधिक काम पूरा हो चुका है, जबकि जल संस्थान के माध्यम से भी 14 करोड़ 67 लाख 93 हजार रुपये की लागत से पेयजल लाइनों का काम तेजी से चल रहा है ताकि हर घर तक पानी पहुंचाया जा सके।

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एकेश्वर ब्लॉक में कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए लोक निर्माण विभाग और ग्रामीण निर्माण विभाग के माध्यम से करोड़ों रुपये की लागत से दर्जनों मोटर मार्गों का नवनिर्माण, सुधारीकरण और डामरीकरण किया गया है। इसके साथ ही, पुराने और जीर्ण-शीर्ण ब्लॉक मुख्यालय के स्थान पर 3 करोड़ 37 लाख 19 हजार रुपये की लागत से नए आधुनिक भवन का निर्माण कराया गया है, जबकि विभिन्न ग्राम पंचायतों में नए पंचायत भवनों के निर्माण और मरम्मत पर भी करोड़ों रुपये खर्च किए गए हैं। क्षेत्र के गौरवशाली इतिहास को संजोने के लिए सिवाल, मौंदाडी, दुंदराकोटी और पिनानी जैसे गांवों में देश की रक्षा के लिए प्राण न्यौछावर करने वाले 12 स्वतंत्रता सेनानियों और वीर शहीदों की याद में भव्य स्मृति द्वारों का निर्माण भी कराया गया है।

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जनसुनवाई में शिकायतों का निस्तारण

कृषि और सिंचाई सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए बाढ़ सुरक्षा और नहर मरम्मत की कुल 30 योजनाओं पर 8 करोड़ 52 लाख रुपये खर्च किए गए हैं, जबकि लघु सिंचाई और चेक डैम निर्माण पर भी करोड़ों का निवेश हुआ है। इसके साथ ही, बिजली आपूर्ति को सुचारू रखने के लिए नए ट्रांसफार्मर लगाने और लाइनों को बदलने पर 6 करोड़ 45 लाख रुपये व्यय किए गए हैं।

इस बहुउद्देशीय शिविर के दौरान एक बड़ी जनसुनवाई का भी आयोजन हुआ, जिसमें मौके पर ही 19 दिव्यांगजनों को विकलांग प्रमाण पत्र वितरित किए गए। प्रशासन को जनता की ओर से शिकायत काउंटर पर कुल 58 शिकायतें और 55 मांग पत्र प्राप्त हुए, जिन्हें शीघ्र निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को भेजा गया है।

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