ऊधम सिंह नगर के खटीमा में स्थित प्राचीन शनि मंदिर और शहीद स्मारक के पास बने नगर पालिका के डंपिंग जोन में मांस और हड्डियाँ मिलने की घटना ने पूरे क्षेत्र में भारी सांप्रदायिक और सामाजिक आक्रोश पैदा कर दिया है। हिंदू आस्था के प्रमुख केंद्र और वीर शहीदों की स्मृति स्थल जैसे पवित्र स्थान के ठीक बगल में पूरे शहर का कूड़ा फेंके जाने और उसमें प्रतिबंधित मांस मिलने से स्थानीय नागरिकों की धार्मिक भावनाएं बुरी तरह आहत हुई हैं।
इस संवेदनशील मामले को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने स्थानीय प्रशासन को एक लिखित ज्ञापन सौंपकर इस कृत्य की तत्काल निष्पक्ष जांच करने, दोषियों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई करने और इस विवादित डंपिंग जोन को यहाँ से तुरंत हटाने की पुरजोर मांग की है ताकि भविष्य में हमारे गौरवशाली शहीद स्मारकों और पावन धार्मिक स्थलों की गरिमा व पवित्रता को बनाए रखने के लिए एक ठोस व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।
इस पूरे विवाद को लेकर कांग्रेस प्रदेश कार्यकारिणी के वरिष्ठ सदस्य बॉबी राठौर ने स्थानीय नगर पालिका प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बेहद गंभीर और सीधे आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि नगर पालिका की गाड़ी ने बीती रात जानबूझकर मांस और हड्डियों से भरा हुआ दूषित कूड़ा लाकर मंदिर और शहीद स्मारक के बिल्कुल बगल में बने डंपिंग जोन में गिराया है, जो न सिर्फ धार्मिक आस्था के साथ खिलवाड़ है बल्कि देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर शहीदों का भी घोर अपमान है। विपक्ष ने चेतावनी दी है कि इस प्रकार की घोर लापरवाही और अमर्यादित कृत्यों को क्षेत्र की जनता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी और यदि इस पर जल्द ही कोई ठोस जमीनी कार्रवाई नहीं दिखाई दी तो वे आंदोलन को और उग्र रूप देंगे।
लापरवाह ठेकेदार को कारण बताओ नोटिस
मामले की संवेदनशीलता और जनता के बीच बढ़ते भारी आक्रोश को देखते हुए खटीमा के उपजिलाधिकारी तुषार सैनी ने इस पूरी घटना को अत्यंत गंभीरता से लिया है। उन्होंने कानून व्यवस्था और स्वच्छता मानकों की अनदेखी पर नगर पालिका के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए संबंधित कार्यदायी ठेकेदार को तत्काल प्रभाव से एक कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है।
एसडीएम ने कड़े शब्दों में स्पष्ट किया है कि आस्था और आस्था स्थलों से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की शिथिलता क्षम्य नहीं होगी तथा भविष्य में ऐसी किसी भी अपमानजनक या विवादित घटना की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए प्रशासन हर स्तर पर सख्त कदम उठा रहा है।

