आसमानी कहर से भारी तबाही ,चमोली के थराली में भारी बारिश का कहर, जनजीवन अस्त-व्यस्त

ख़बर शेयर करें

चमोली जिले के थराली क्षेत्र में शुक्रवार देर शाम से हो रही मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचा दी है। लगातार बारिश से जहां आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है, वहीं कई गांवों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा है। थराली तहसील मुख्यालय के राड़ीबगड़ और चेपडो गांवों में बारिश ने कहर बरपाया। देर रात टुनरी गधेरे में बादल फटने की घटना सामने आई, जिससे चेपडो समेत राड़ीबगड़ गांव बुरी तरह प्रभावित हुए। अचानक आए पानी और मलबे की चपेट में कई वाहन दब गए, वहीं घरों के भीतर तक मलबा घुस गया, जिससे स्थानीय लोगों में अफरा-तफरी का माहौल है।

यह भी पढ़ें -  दून मेडिकल कॉलेज में नई पहल: अब मरीज के खुद के खून से होगा इलाज

सगवाड़ा गांव से एक व्यक्ति के लापता होने की भी सूचना मिली है। फिलहाल प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट पर रखा गया है, लेकिन लगातार हो रही बारिश से राहत और बचाव कार्यों में दिक्कतें आ रही हैं। ग्रामीणों ने बताया कि अचानक तेज बहाव के कारण लोग अपने घरों से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने को मजबूर हुए।

यह भी पढ़ें -  उत्तराखंड में ओलावृष्टि का कहर: 3469 हेक्टेयर में फसलें बर्बाद, जानें किन जिलों में हुआ सबसे ज्यादा नुकसान

उधर, पिंडर नदी और प्राणमती नदी के उफान पर आने से खतरा और बढ़ गया है। नदी किनारे बसे गांवों में लोगों को सतर्क रहने की अपील की गई है। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और राजस्व विभाग के अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में भेजा गया है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि भारी बारिश के चलते पिछले कई घंटों से बिजली और संचार व्यवस्था भी प्रभावित है। लगातार हो रही बारिश से भूस्खलन की आशंका भी बढ़ गई है। हालात को देखते हुए प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और बिना जरूरत घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी है।

यह भी पढ़ें -  उत्तराखंड के अशासकीय शिक्षकों के लिए 'पेंच': 2 महीने से खाली हाथ, बढ़ी आर्थिक तंगी

यह प्राकृतिक आपदा एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में बरसात के मौसम में लोगों की असुरक्षा और कठिन जीवन को उजागर करती है।


ADVERTISEMENTS Ad