सरकारी अस्पतालों में बाहरी दवा लिखने वाले डॉक्टरों पर होगी सख्त कार्रवाई: स्वास्थ्य मंत्री

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उम्मीद है कि आने वाले वक्त में राज्य के सभी सरकारी अस्पताल साफ-सुथरे चकाचक दिखाई दें। इतना ही नहीं ये भी मुमकिन है कि मरीज हो तीमारदार सबको अस्पताल से ही दवा मिल जाए। ये हम इसलिए कह रहे हैं कि, सूबे के स्वास्थ्यमंत्री सुबोध उनियाल ने बेशक, ये दो टूक हिदायत देहरादून के दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल प्रशासन को दी हो लेकिन उम्मीद जताई जा रही है कि ये संदेश सभी जिलों के सरकारी अस्पताल तक पहुंच गया होगा।

दरअसल मौका था दून मेडिकल कॉलेज अस्पातल में मरीजों के लिए आधा दर्जन नई सहूलियतों के लोकार्पण का। जहां मंत्री जी ने ऑक्यूपेशनल थेरेपी सेंटर, अस्पताल की हर मंजिल पर रजिस्ट्रेशन काउंटर,स्पोर्ट्स इंजरी क्लीनिक, हेल्थ पैकेज जांच यूनिट, के साथ साथ पांच एनिस्थिसिया वर्क स्टेशन जनता को समर्पित किए ।

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इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने अस्पताल प्रशासन को दो टूक कहा कि अस्पताल में साफ-सफाई के इंतजाम निजी अस्पतालों से बेहतर हों वरना उनके बराबर तो होने ही चाहिए। उनियाल ने मेडिकल कॉलेज अस्पताल प्रशासन से रू-ब-रू होते हुए कहा कि निजी अस्पताल में साफ सफाई इतनी बेहतरीन होती है कि मरीज हों या तिमारदार किसी को महसूस नहीं होता कि वो अस्पताल में है। लेकिन सरकारी अस्पताल में साफ-सफाई के इंतजाम ही बता देते हैं कि अस्पताल सरकारी है। लिहाजा अब ये रवैया बदल जाना चाहिए।

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वहीं उनियाल ने अस्पताल के चिकित्सकों को हिदायत दी कि मरीजों को वही दवा लिखें जो अस्पताल में आसानी से मुहैया हो सकती है। बाहर की दवा से गरीब आदमी का बजट बिगड़ जाता है। वहीं उन्होने कहा कि हमे ऐसी कोशिश करनी होगी कि सरकारी अस्पताल रैफर सेंटर न बने। मरीज की उम्मीद पर सरकारी अस्पताल खरें उतरें। वहीं स्वास्थ्य मंत्री ने दो टूक कहा कि सरकारी अस्पतालों में गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अगर गड़बड़ी मिली तो फिर उन्हें इलाज के लिए मजबूर होना पड़ेगा। बहरहाल स्वास्थ्य मंत्री की बात तो जनहित में सही है, लेकिन बड़ा सवाल है सरकारी डॉक्टर्स की तंगी का।

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आलम ये है कि राज्य के तकरीबन सभी सरकारी अस्पताल काबिल क्या नॉर्मल डॉक्टर्स की किल्लत झेल रहे हैं। पहाड़ी जिलों का तो और भी बुरा हाल है। सूबे की इस कमजोर नस से राज्य के सभी सरकारी डॉक्टर बखूबी से वाकिफ हैं। इन तमाम हालातों के बीच मंत्री जी की बात क्या रंग दिखाती है ये आने वाले दिनो में पता चलेगा फिलहाल मीडिया हो या चौक चौराहे या फिर अस्पताल सभी जगह मंत्री जी के तेवरों की चर्चा है।

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