हरिद्वार। उत्तराखंड की धर्मनगरी हरिद्वार में नकली नोट छापकर उन्हें खुले बाजार में खपाने वाले एक संगठित गिरोह का हरिद्वार पुलिस ने भंडाफोड़ कर दिया है। दो दिन पहले पुलिस द्वारा बरामद किए गए 52,500 रुपये के जाली नोटों के मामले की कड़ियां जोड़ते हुए मंगलवार को यह बड़ी सफलता हासिल की गई है। पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लालढांग तिराहे के पास घेराबंदी कर एक महिला सहित तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता पाई है।
पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने 50 हजार रुपये मूल्य के तैयार नकली नोट, एक लैपटॉप, दो प्रिंटर, मोबाइल फोन और अन्य उपकरण बरामद किए हैं। पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि ये आरोपी इससे पहले भी उत्तर प्रदेश के बिजनौर क्षेत्र में करीब 60 हजार रुपये के नकली नोट बाजार में सफलतापूर्वक चला चुके हैं।
मामले का आधिकारिक खुलासा करते हुए एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह ने मंगलवार को बताया कि पुलिस को सटीक मुखबिर से एक महत्वपूर्ण सूचना मिली थी। सूचना के मुताबिक, इस जाली नोट गिरोह के सदस्य तैयार किए गए नकली नोटों की एक बड़ी खेप को ठिकाने लगाने और उन्हें खपाने के उद्देश्य से हरिद्वार से बिजनौर के बढ़ापुर की ओर अपनी कार से जा रहे थे, तभी नाकेबंदी कर इन्हें दबोच लिया गया।
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान देवेंद्र और गुलजार के रूप में हुई है, जो दोनों उत्तर प्रदेश के बिजनौर के निवासी हैं। इनके साथ गिरफ्तार की गई तीसरी आरोपी शगुन जोशी है, जो हरिद्वार के श्यामपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत लालढांग की रहने वाली है। पुलिस अब इन तीनों आरोपियों के पुराने आपराधिक इतिहास, संपर्क सूत्रों और पूरे वितरण नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है।
एसपी सिटी के अनुसार, यह गिरोह अत्याधुनिक प्रिंटर और लैपटॉप का उपयोग करके हूबहू असली दिखने वाले नोट तैयार करता था और उन्हें भीड़भाड़ वाले बाजारों में खपा देता था। गौरतलब है कि हरिद्वार पुलिस जाली नोटों के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है और इससे पहले गत 27 जून को भी पुलिस ने नकली नोटों के साथ तीन अन्य लोगों को गिरफ्तार किया था, जिनसे इनके तार जोड़े जा रहे हैं।

