नई दिल्ली/देहरादून। उत्तराखंड में सड़क कनेक्टिविटी नेटवर्क को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार ने सात हजार करोड़ रुपये की लागत वाली छह से अधिक बड़ी सड़क परियोजनाओं पर अपनी सैद्धांतिक सहमति दे दी है। नई दिल्ली में मंगलवार को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की अध्यक्षता में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मौजूदगी में इन महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी दिखाई गई। इस बैठक में केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा भी मौजूद रहे।
₹2966 करोड़ की लागत से चमकेंगे ये 5 बड़े प्रोजेक्ट्स
बैठक में मुख्य रूप से 2966 करोड़ रुपये के बजट वाले पांच प्रमुख सड़क मार्ग प्रस्तावों को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई। इसके तहत निम्नलिखित कार्य किए जाएंगे:
- हरिद्वार-पुरकाजी फोरलेन: एनएच-334ए को फोरलेन में बदलने के नए एलाइनमेंट पर केंद्र ने मुहर लगा दी है, जो आगामी अर्धकुंभ के लिहाज से बेहद अहम है।
- श्रीनगर बाईपास: इस रूट पर जल्द ही पीएमसी का निर्माण कार्य शुरू होगा।
- लोहाघाट और पिथौरागढ़ बाईपास: इन दोनों महत्वपूर्ण बाईपास के नए एलाइनमेंट को मंजूरी दी गई है।
- मझोला से खटीमा: इस घनी आबादी वाले क्षेत्र में सड़क का चार लेन विस्तार किया जाएगा।
- रामनगर-रानीखेत मार्ग: इस मार्ग के सुदृढ़ीकरण के कार्य को तेजी से पूरा किया जाएगा।
₹300 करोड़ की टनल और कुंभ की तैयारी
मुख्यमंत्री धामी ने अल्मोड़ा सिकुड़ा बैंड से एनएच-309 तक टनल सहित मोटर मार्ग निर्माण परियोजना को केंद्रीय मंत्री के सामने रखा। करीब 300 करोड़ रुपये लागत के इस प्रोजेक्ट से स्थानीय यातायात सुरक्षित और सुगम हो जाएगा।
इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने अर्धकुंभ 2027 के मद्देनजर हरिद्वार बाईपास का निर्माण कार्य जल्द से जल्द पूरा कराने का अनुरोध किया, जिससे श्रद्धालुओं को जाम से मुक्ति मिल सके। केंद्रीय मंत्री गडकरी ने इसके साथ ही कोटद्वार बाईपास योजना को भी जल्द तैयार करने का भरोसा दिया है।
सामरिक मार्ग और बजट पर भी हुई चर्चा
बैठक में सीएम धामी ने सीमा सड़क संगठन के तहत ऋषिकेश-गंगौरी राष्ट्रीय राजमार्ग के हीना-तैखला-नेताला-गरमपानी खंड की DPR और जोशीमठ बाईपास मार्ग के संशोधित प्रस्ताव को जल्द स्वीकृति देने की मांग की।
मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्रीय सड़क अवसंरचना निधि के तहत वर्ष 2026-27 के लिए राज्य की करीब 750 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को भी मंजूरी मिली है। इसके साथ ही वर्ष 2025-26 तक की 530.11 करोड़ रुपये की लंबित प्रतिपूर्ति राशि को भी जल्द जारी करने का अनुरोध किया गया है।
टेंडर के नियम सरल करने पर जोर
मुख्यमंत्री धामी ने बैठक में कम दरों पर आने वाले टेंडर के मामलों में मानकों को सरल करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि अत्यंत कम दरों पर प्राप्त निविदाओं के मामलों में अतिरिक्त परफॉर्मेंस सिक्योरिटी की वर्तमान व्यवस्था में संशोधन करना बेहद जरूरी है।
अंत में सीएम धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्र के सहयोग से स्वीकृत इन परियोजनाओं से उत्तराखंड में सड़क संपर्क और आधारभूत संरचना को एक नई मजबूती मिलेगी।

