देहरादून/जयपुर: उत्तराखंड के समाज कल्याण मंत्री खजान दास ने राजस्थान सरकार की बेहतरीन जनकल्याणकारी योजनाओं को अब उत्तराखंड में भी लागू करने का फैसला किया है। जयपुर के चार दिवसीय दौरे पर पहुंचे मंत्री खजान दास ने वहां की नीतियों का बारीकी से अध्ययन करने के बाद अपने साथ गए प्रशासनिक अधिकारियों को उत्तराखंड में भी इसे जल्द से जल्द अमलीजामा पहनाने के निर्देश दिए हैं।
28 जून से 1 जुलाई 2026 तक चले इस बेहद महत्वपूर्ण अध्ययन दौरे का सीधा फायदा उत्तराखंड के अनुसूचित जाति, जनजाति, ओबीसी और विमुक्त, घुमंतु समुदायों को मिलेगा। मंत्री के इस कदम से राज्य के कल्याणकारी ढांचे में बड़े बदलाव की उम्मीद है।
क्या है पूरा मामला
कैबिनेट मंत्री खजान दास इन दिनों राजस्थान के प्रांतीय दौरे पर हैं, जहां वे वहां की सामाजिक सुरक्षा और विकास मॉडलों को समझ रहे हैं। इस क्रम में उन्होंने जयपुर के आंबेडकर भवन में राजस्थान के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के मंत्री अविनाश गहलोत के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की।
इस बैठक में उत्तराखंड शासन के समाज कल्याण विभाग और राजस्थान सरकार के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मुख्य रूप से मौजूद रहे। बैठक के दौरान राजस्थान की टीम ने अपनी सबसे सफल और लोकप्रिय योजनाओं का एक विस्तृत प्रेजेंटेशन उत्तराखंड के प्रतिनिधिमंडल के सामने रखा।
इन बड़ी योजनाओं पर रहा मुख्य फोकस
प्रस्तुतिकरण के दौरान सबसे ज्यादा ध्यान राजस्थान की ‘मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना’ पर दिया गया, जिसके तहत गरीब और जरूरतमंद छात्रों को मुफ्त कोचिंग दी जाती है। उत्तराखंड के मंत्री और अधिकारियों ने इस योजना के बजट और इसके क्रियान्वयन की पूरी जानकारी ली।
इसके साथ ही, समाज के सबसे पिछड़े तबके यानी विमुक्त, घुमंतु और अर्धघुमंतु समुदाय के लिए चलाई जा रही विशेष योजनाओं की कार्यप्रणाली को भी बहुत बारीकी से परखा गया। उत्तराखंड में भी इन जातियों के उत्थान के लिए इस मॉडल को अपनाने पर चर्चा हुई।
बैठक में ‘राजस्थान अनुसूचित जाति जनजाति वित्त एवं विकास सहकारी निगम लिमिटेड’ के कामकाज और उसके ढांचे का भी अवलोकन किया गया। यह निगम किस तरह से जमीनी स्तर पर लोन और विकास कार्य पहुंचाता है, इसके तौर-तरीकों को समझा गया।
अधिकारियों को मिले तुरंत कार्रवाई के निर्देश
राजस्थान की इन बेहतरीन और सफल योजनाओं को देखने के बाद समाज कल्याण मंत्री खजान दास ने इन्हें उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियों के हिसाब से तैयार करने की बात कही। उन्होंने मौके पर ही मौजूद अपने विभाग के अफसरों को निर्देश दिए कि वे इसके लिए तुरंत जरूरी प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रिया शुरू करें।
मंत्री खजान दास ने स्पष्ट कहा कि इस दौरे का मकसद सिर्फ योजनाओं को देखना नहीं, बल्कि उन्हें उत्तराखंड की जनता तक पहुंचाना है। इसके लिए जल्द ही एक विस्तृत प्रस्ताव बनाकर उत्तराखंड शासन के सामने मंजूरी के लिए रखा जाएगा।
इस महत्वपूर्ण अध्ययन दौरे पर गए भ्रमण दल में उत्तराखंड शासन के समाज कल्याण विभाग के अपर सचिव प्रकाश चंद्र और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) आयोग के सचिव गोरधन सिंह मुख्य रूप से शामिल रहे।
इनके अलावा प्रतिनिधिमंडल में उप निदेशक वासुदेव आर्य, जनसंपर्क अधिकारी टीकम सिंह रावत और दीपेश सिलोडी भी मौजूद रहे, जिन्होंने राजस्थान के अधिकारियों के साथ मिलकर इन योजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़े जरूरी इनपुट और नोट्स तैयार किए।

