देहरादून। उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद् ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए देहरादून के जिला पर्यटन विकास अधिकारी बृजेन्द्र पाण्डेय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। मुख्य कार्यकारी अधिकारी धीराज सिंह गर्ज्याल द्वारा 30 जून 2026 को जारी आदेश के मुताबिक, विभागीय ‘दीन-दयाल उपाध्याय होम स्टे योजना’ के तहत सरकारी अनुदान राशि जारी करने के एवज में रिश्वतखोरी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा था। विभाग ने इस वीडियो का स्वतः संज्ञान लेते हुए अधिकारी को प्रथम दृष्टया दोषी माना और यह कड़ी कार्रवाई की है।
अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी करेंगे मामले की जांच
इस संवेदनशील मामले की निष्पक्ष और गहराई से जांच करने के लिए शासन ने तत्काल प्रभाव से कमेटी गठित कर दी है:
- जांच अधिकारी: उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद् के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी नरेन्द्र सिंह भण्डारी को जांच अधिकारी नामित किया गया है।
- कार्रवाई: जांच अधिकारी को नियमानुसार पूरे प्रकरण की तेजी से पड़ताल कर अग्रेत्तर आवश्यक कानूनी और विभागीय कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
- मुख्यालय से संबद्ध: निलंबन की इस पूरी अवधि के दौरान बृजेन्द्र पाण्डेय को देहरादून स्थित उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद् के मुख्यालय से ही संबद्ध रखा जाएगा।
निलंबन अवधि के लिए कड़े वित्तीय नियम लागू
पर्यटन विभाग द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के तहत निलंबित अधिकारी के लिए कड़े वित्तीय प्रतिबंध लागू किए गए हैं:
- जीवन निर्वाह भत्ता: वित्तीय नियम संग्रह के प्राविधानों के तहत पाण्डेय को केवल अर्द्ध औसत वेतन या अर्द्ध वेतन पर देय अवकाश वेतन के बराबर ही जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा।
- अन्य भत्तों पर रोक: उन्हें इस भत्ते के साथ कोई अतिरिक्त महंगाई भत्ता तब तक देय नहीं होगा, जब तक यह साबित न हो कि वह उस मद में वास्तव में स्वयं व्यय कर रहे हैं।
- नो-जॉब सर्टिफिकेट अनिवार्य: इन सभी वित्तीय मदों का भुगतान तभी किया जाएगा, जब वे इस आशय का वैधानिक प्रमाण पत्र देंगे कि वे इस अवधि में किसी अन्य सेवायोजन, निजी व्यापार या व्यवसाय में शामिल नहीं हैं।
पर्यटन मंत्री और शासन को भेजी गई रिपोर्ट
मुख्य कार्यकारी अधिकारी धीराज सिंह गर्ज्याल द्वारा जारी इस आदेश की प्रतिलिपि शासन के तमाम उच्चाधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के लिए भेज दी गई है। इसमें पर्यटन मंत्री और यूटीडीबी के अध्यक्ष के संज्ञानार्थ प्रमुख निजी सचिव को रिपोर्ट भेजी गई है। इसके अलावा सचिव पर्यटन, जिलाधिकारी देहरादून और मुख्य विकास अधिकारी देहरादून को भी अग्रिम कार्रवाई के लिए फाइल बढ़ा दी गई है।

