Uttarakhand: तो क्या इस सस्पेंस सीट से चुनावी रण में उतरेंगे ‘हरक’..? टिकट बंटवारे पर बोले धस्माना…

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देहरादून। उत्तराखंड में कांग्रेस के चुनाव प्रबंधन का जिम्मा आलाकमान ने डॉक्टर हरक सिंह रावत के कांधे पर रखा है। देखा जाए तो हरक सिंह रावत उन नेताओं में शामिल हैं जो राज्य बनने के बाद जितने भी विधानसभा चुनावों में उतरे हैं सौभाग्य से कोई चुनाव हारे नहीं हैं।

ताज्जुब की बात तो ये है कि मिलिट्री साइंस के प्रोफेसर रहे डाक्टर साहब ने चुनाव क्षेत्र बदल कर जीत हासिल की है। हरक सिंह रावत प्रदेश कांग्रेस चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष भी हैं। अबकी बार माना जा रहा है कि डाक्टर हरक सिंह रावत देहरादून की सहसपुर सीट से चुनाव लड़ेंगे।

कहा जा रहा है कि डॉक्टर हरक सिंह रावत की ये ख्वाहिश भी है कि अबकी बार कांग्रेस सरकार और सहरपुर से मैं बनू दावेदार. सोशल मीडिया मे उनके चाहने वाले जो उन्हें गढ़वाल का शेर मानते हैं वे हरक सिंह रावत के फेवर में पोस्ट अपलोड भी करने लगे हैं। ये तबका चाहता है कि हरक सिंह अबकी दफा सहसपुर से चुनाव लड़ें..उन्हें लगता है कि सहसपुर में भाजपा के सहदेव पुंडरी का अभेद किला कोई अगर भेद सकता है तो वो हरक सिंह रावत ही हैं और कोई नहीं हो सकता।

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लेकिन चर्चा और हसरत अलग बात हैं जबकि टिकट मिलना दूसरी बात..उधर कांग्रेस नेता सूर्यकांत धस्माना मीडिया के पूछने पर कांग्रेस पार्टी की चुनावी नीति का खुलासा करते हुए दो टूक कहते हैं कांग्रेस पार्टी में कौन प्रत्याशी कहां से लड़ेगा इसका फैसला दावेदार नहीं बल्कि सेंट्रल कमेटी तय करती है।

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धस्माना मीडिया के सवाल पर तपाक से अपना सवाल दागते हैं क्या आपको पता है सीएम धामी कहां से चुनाव लड़ेंगे या सूबे के कृषि मंत्री गणेश जोशी कहां से चुनाव लड़ेंगे ? धस्माना ने कहा कौन कहां से चुनाव लड़ेगा इसका फैसला सिर्फ कांग्रेस पार्टी में ही नहीं बल्कि सारे सियासी दलों में आलाकमान तय करता है।

कार्यकर्ता का काम पार्टी के आदेश का पालन करना होता है। हालांकि धस्माना ने डा.हरक सिंह रावत को पार्टी का बड़ा नेता करार दिया है। धस्माना ने कहा हरक सिंह रावत कहां से चुनाव लड़ेंगे ये कहना अभी जल्दबाजी होगा। क्योंकि हरक सिंह रावत कई विधानसभा क्षेत्रों से चुनाव जीत चुके हैं। वैसे भी उन्हें दूसरे उम्मीदवारों को चुनाव लड़ाना है और फिलहाल वे उसी पर फोकस कर रहे हैं।

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हालांकि होगा क्या ये तो वक्त बताएगा लेकिन इतना जरूर है कि अगर वाकई में कांग्रेस हरक सिंह रावत को सहसपुर से दावेदार बनाती है और हरक भाजपा के गढ़ में सेंध लगा पाए तो हरक सिंह रावत का कांग्रेस में कद और भी ऊंचा हो जाएगा जिसे दूसरे नेता कुबूल कर पाएंगे या नहीं कहना मुश्किल है। बहरहाल चुनावी साल की ओर बढ़ते उत्तराखंड में चुनावी अलर्ट जारी है, दिलचस्प खबरें पल-पल आती रहेंगी।